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टेंपो-ट्रैवलर हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस कार्ययोजना बनाने में जुटे, रात में पर्यटक वाहनों का संचालन पर रोक लगाने की चल रही तैयारी।

रुद्रप्रयाग – ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रैंतोली में हुए टेंपो-ट्रैवलर हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस जिले में व्यवस्थित यातायात के लिए कार्ययोजना बनाने में जुट गए हैं। रात के समय जिले में यात्री व पर्यटक वाहनों का संचालन पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही दिन के समय जनपद में पहुंचने वाले बाहरी व स्थानीय वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर कितनी गति में दौड़ रहे हैं, इसके लिए परिवहन विभाग स्पीड मीटर लगाएगा।

बेतरतीव वाहनों के संचालन पर रोक लगाने और आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन व पुलिस रात्रि के समय हाईवे पर वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की तैयारी में हैं। ऋषिकेश-बदरीनाथ व रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर डेंजर जोन और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए वाहनों को रात के समय रुद्रप्रयाग से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।

पुलिस के अनुसार, इस दिशा में प्रशासन के प्रारंभिक चरण की बातचीत हो चुकी है। जल्द ही योजना को अमलीजामा पहनाते हुए समय तय किया जाएगा। व्यवस्था को कारगर बनाने के लिए खांकरा, नगरासू, चिरबटिया में बैरियर स्थापित कर सीसीटीवी कैमरा से लैस कर सीधे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जोड़ा जाएगा।

इन दोनों कार्यालयों से जिले की सीमाओं और हाईवे पर संचालित यातायात की मॉनीटरिंग की जाएगी। दूसरी तरफ परिवहन विभाग भी जिले में दौड़ रहे वाहनों की गति की मापन की तैयारी कर रहा है। तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए स्पीड मीटर लगाने के लिए विभगीय स्तर पर कार्ययोजना बनानी जा रही है।

वाहनों पर रिकार्डिंग कैमरा से छोटी-बड़ी दुर्घटना के कारणों की पूरी जानकारी मिल सकेगी। रैंतोली में हुए टेंपो-ट्रैवलर हादसे के बाद प्रशासन इस दिशा में भी सोच रहा है कि, जिले में आने वाले निजी व सरकारी यात्री व पर्यटक वाहनों पर रिकार्डिंग कैमरा अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए।

ऐसे में वाहन के पूरे सफर के बारे में जहां जानकारी मिलेगी। वहीं, अगर दुर्घटना होती है तो उसके कारणों की प्रत्यक्ष जानकारी मिल सकेगी।

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग डा. विशाखा अशोक भदाणे ने कहा कि आगामी बरसाती मौसम व विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जनपद में यात्री व पर्यटक वाहनों का संचालन रात के समय किसी भी स्तर पर न हो, इसके लिए योजना बनाई जा रही है। रात होते ही जिला मुख्यालय से आगे किसी भी यात्री वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही स्थानीय वाहन को भी अनिवार्य आवश्यकता पर ही आगे जाने की अनुमति पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में प्रारंभिक बैठक भी की जा चुकी है।

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