देहरादून- नागरिकता संशोधन कानून को लेकर आज राजधानी देहरादून में धरना-प्रदर्शन किया गया। आज गांधी पार्क में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में माकपा, भाकपा, भाकपा (माले), सपा, बसपा व अन्य दलों ने नारेबाजी की और अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जामिया में इस बिल का विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा क्रूरता के साथ लाठीचार्ज किया गया। जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। क्या भारत सरकार देश में तानाशाही लाना चाहती है? सीएए और एनसीआर कानून लागू करके देश की जनता को जाति और धर्म के नाम पर बांटना चाहती है? कहा कि देश की जनता इस बिल को कभी भी स्वीकार नहीं करेगी। क्योंकि यह बिल देश की जनता के लिए जनहित नहीं बल्कि जाति धर्म के नाम पर बांटने के लिए बनाया गया है। भारत सरकार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए लोगों को नागरिकता दे रही है, लेकिन वहीं दूसरी ओर भारत में रहने वाले करोड़ों लोगों से उनकी नागरिकता के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। किसी भी कीमत पर भारत की जनता यह कानून स्वीकार नहीं करेगी। कहा कि 21 दिसंबर को सभी धर्मगुरुओं के द्वारा विशाल जुलूस निकाला जाएगा। जिसमें इस नए कानून का विरोध आम जनता के साथ किया जाएगा।


