Thursday, February 26, 2026
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पिथौरागढ़ और चमोली में बादल फटने से भारी नुकसान, एक की मौत, कई मकान और गोशालाएं क्षतिग्रस्त…..

देहरादून- पिथौरागढ़ जिले के नाचनी क्षेत्र में बीती रात को बादल फट जाने से भारी नुकसान हो गया है। वहीं टीमटीया में मकान ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान राम सिंह धर्मशक्तू के रूप में हुई है। इलाके का भैंसखाल पंचायत घर का आंगन भी बह गया है। कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। थल मुनस्यारी सड़क रातिगाड़ रसियबगड़, नया बस्ती आदि कई स्थान बंद हैं। यहां मलबे में दबी एक महिला को सकुशल निकाल लिया गया। जानकारी के मुताबिक यहां चार घर जमीदोंज हो गए हैं। एसडीआएफ की टीम घटना स्थल के रवाना हो चुकी है। खबर है कि बादल फटने के दौरान हल्के वाहन भी बह गए हैं। वहीं दूसरी ओर बड़बगड़ क्षेत्र में जानवरों के दबने की भी सूचना है। इस मामले में जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे द्वारा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को तत्काल थल मुनस्यारी सड़क को खोले जाने हेतु अतिरिक्त मशीन तथा मैन पावर लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को क्षेत्र में मेडिकल टीम भेजने व जिला पूर्ति अधिकारी को क्षेत्र में तत्काल खाने के पैकेट भेजने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं चमोली जिले के गोविंद घाट में भी बादल फटने की सूचना है। जानकारी के मुताबिक बादल फटने से पार्किंग में कई वाहन दब गए हैं। पुलिस ने हेमकुंड जाने वाले श्रदालुओं को सुरक्षित स्थान में भेज दिया है। थराली क्षेत्र के गुडंम में दो गोशालाओं के टूटने और कई मवेशियों के दबे होने सूचना है। भारी बारिश से कोटद्वार में काश्तकारों की धान भी फसल बह गई है। कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। पिंडरघाटी के थराली और देवाल क्षेत्र में शुक्रवार रात को भारी बारिश से लोगों के घरों में मलबा घुस गया। पहाड़ी से अचानक आए मलबे के कारण लोग सहम गये और घरों से भागकर जान बचाई। हालांकि किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तलवाड़ी में तीन मकान और तीन गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। थराली के बैनोली गांव में मलबा आने से ग्रामीणों में दहशत। कई एकड़ कृषि भूमि तबाह हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मोटर मार्ग मलबा आने के कारण बंद हो गए हैं। पूरी पिंडरघाटी में बारिश से अफरा-तफरी मची है। रात को लोगों ने अपने घरों से बाहर रहकर रात बिताई। इस साल पिंडरघाटी में अतिवृष्टि की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले फल्दियागांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था।

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