देहरादून- आगामी सात-आठ अक्टूबर को राजधानी दून में आयोजित होने वाली इन्वेस्टर्स समिट को लेकर सरकार का उत्साह सातवें आसमान पर है। सरकार को इस समिट से राज्य में न सिर्फ भारी भरकम निवेश आने की उम्मीद है बल्कि बडी संख्या में युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में भी यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा, जैसी आशाएं सरकार को इस समिट से हैं। राज्य में उद्योग और पूंजी निवेश को लेकर सरकारी स्तर पर किये जाने वाले इस पहले प्रयास से सूबे के मुख्यमंत्री और बडे अधिकारी बडी बडी उम्मीदें लगाए हुए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा अब तक इस समिट को सफल बनाने के लिए न सिर्फ कई राज्यों में मार्च आयोजित किये जा चुके हैं बल्कि कई विदेश दौरे भी उन्होनें किये हैं। इन्वेस्टर्स समिट से पहले नयी औद्योगिक नीति और पर्यटन नीति लाकर कई बडे बदलाव भी किये गये हैं जिससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। सरकार के इन प्रयासों को खारिज भी नहीं किया जा सकता क्योंकि अब तक 76 हजार करोड के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू साइन किये जा चुके हैं और यह सिलसिला अभी जारी है। सरकार के पास अब तक 80 हजार करोड से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं जो सरकार द्वारा इस इन्वेस्टर्स समिट से मिलने वाले 40 हजार करोड के लक्ष्य से दोगुने हैं।
इस बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह का कहना है कि जितनी बडी तादाद में देश विदेश के निवेशकों का उत्साह देखने को मिला है वह अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। इस समिट में सहभागिता के लिए 1700 से अधिक निवेशक अब तक अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकार द्वारा भी इन निवेशकों की मेहमान नवाजी में कोई कमी नहीं छोडी जा रही है। सात अक्टूबर की शाम उन्हें ऋषिकेश के गंगा रिसॉर्ट में शुद्व शाकाहारी पहाडी व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा वहीं गंगा घाट पर गंगा आरती का विहंगम दृश्य व सौंदर्य के दर्शन भी उन्हें कराये जाएंगे।