देहरादून . राजधानी गैरसैंण बनाए जाने को लेकर तीसरे दिन भी प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर जमे रहे। प्रदर्शनकारी ने राज्य आंदोलन के शहीदों और प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए देहरादून को स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग की है।
बतादे कि धरनास्थल पर तीन युवा लुसुन टोडरियाए हृदयेश शाही और नमन चन्दोला उपवास पर बैठे। तीनों प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अलग राज्य निर्माण से पहले तक देहरादून का कहीं नाम नहीं था। देहरादून को अस्थाई राजधानी घोषित किया गया। तब सरकारों ने निकम्मापन दिखाते हुए देहरादून को राजधानी बना दिया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण राज्य की जनता की भावनाओं की राजधानी है और दून सरकारों की पसंद। आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती ने कहा कि अब तक भाजपा और कांग्रेस गैरसैंण राजधानी के नाम पर प्रदेश की जनता को छलते आए हैं। बतादे कि प्रदर्शनकारियों ने आज बुद्धि शुद्धि यज्ञ करने का भी आह्वाहन किया है।


