Homeराज्यउत्तराखण्डपुलिस महानिदेशक व एसएसपी के हस्तक्षेप पर पत्रकार धमकी प्रकरण में हुई...

पुलिस महानिदेशक व एसएसपी के हस्तक्षेप पर पत्रकार धमकी प्रकरण में हुई प्राथमिकी, नहीं लगाई गई संगीन धाराएं!

देहरादून। सामर्थ्यवान का कोई दोष नहीं होता। यही कहावत देहरादून पुलिस चरितार्थ कर रही है। पत्रकार सुनील गुप्ता को एक कुख्यात गैंगस्टर द्वारा धमकी दी गई। श्री गुप्ता का कहना है कि मैसर्स राजश्याम कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड गाजियाबाद जिसने पिटकुल का पीएसडीएफ (पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड) योजना का ठेका लिया है। यह काम 11 माह में 2017 तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से इस योजना में यंत्र बदलने के स्थान पर मरम्मरत लिख कर मामले को राशि हड़पने की योजना बनाई गई, जिस पर श्री गुप्ता ने कई समाचार प्रकाशित किए। इस मामले पर कंपनी के भागीदारी में से एक वैभव त्यागी द्वारा अपने को सुशील मूछ का आदमी बता कर श्री गुप्ता को जान से मारने की धमकी दी गई।

मामले को पुलिस द्वारा बहुत हल्के से लिया गया लेकिन पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद एफआईआर तो लिखा गया लेकिन धाराएं इतनी हल्की लगा दी गई कि उनमें शायद ही आरोपी पर कुछ कार्रवाई हो पाए। सुनील गुप्ता एक समाचार पत्र प्रकाशित करते हैं जिसमें उन्होंने कंपनी के भागीदार वैभव त्यागी के विरुद्ध कुछ समाचार लिखा। पत्रकार सुनील गुप्ता का मानना है कि वैभव त्यागी द्वारा 14 अगस्त की रात्रि को फ़ोन पर स्वयं को कुख्यात शातिर गैंगस्टर अपराधी सरगना सुशील मूछ का गुर्गा प्रदर्शित करते हुए उन्हें गंभीर गंभीर धमकी दी गई। इस संदर्भ में 15 अगस्त को सुबह 8 बजे कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। इस संदर्भ में जब पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया गया तब उनके निर्देश पर तहरीर के 11घंटे बाद 506 आईपीसी का अभियोग संख्या 395/2018 पंजीकृत किया गया।
पत्रकार सुनील गुप्ता द्वारा स्वयं धमकी भरी ऑडियो वरिष्ठ पुलिस उपनिरीक्षक को सुनवा दी गयी थी तथा प्राथमिकी दर्ज कर संज्ञान लेने का अनुरोध किया गया था। पुलिस द्वारा स्वतंत्रता दिवस की व्यस्तता का हवाला देते हुए बाद में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया।
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण आत्रेय व स्थानीय पत्रकारों और डब्ल्यूजेआई (वर्किंग जर्न्ट्सिसस ऑफ इंडिया) के पदाधिकारियों के प्रयासों व हस्तक्षेप के उपरांत प्राथमिकी पंजीकृत की। श्री गुप्ता का कहना है कि पुलिस अगर चाहती तो मामले की गम्भीरता को देखते हुए तथाकथित धमकी देने बाले व्यक्ति की तत्काल जांच कर गिरफ्तारी कर भृष्टाचारियों को संदेश दे सकती थी तथा पत्रकारिता को प्रभावित करने बाले दुस्साहसियों को सबक सिख सकती थी!

 

Vision Desk 3
Vision Desk 3http://vision2020news.com/
उत्तराखंड ताज़ा समाचार - Vision 2020 News gives you the Latest News, Breaking News in Hindi.Uttarakhand News, Dehradun News, Latest News, daily news, headlines, sports, entertainment and business from Uttarakhand, India.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular