शैली देहरादून- वैश्य नर्सिंग होम में नवजात की मौत और दफनाए गए स्थान से गायब होने के मामले में पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। इतने दिन बाद भी यह पता नहीं चल सका है कि आखिर शव कहां गया। आपकों बता दें कि नवजात के पिता गौरव आहूजा ने डालनवाला थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वैश्य नर्सिंग होम में उनकी नवजात बच्ची को अन्य मृत नवजात बच्चे से बदलकर उसे किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया। साथ ही मृत नवजात को दफना दिया गया। लेकिन, जब पीड़ित परिवार अगले दिन बच्चे को दफनाने के स्थान पर गया तो वहां से शव गायब था। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने की धमकी नर्सिग होम को दी थी। अब ऐसे में एक ही सवाल खड़ा उठता है कि आखिर अचानक कब्र से नवजात का शव कहां गायब हो सकता है।
मौत के अगले दिन कब्र से नवजात का शव गायब होने का रहस्य और गहराता जा रहा है। पता चला है कि राजधानी में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। सभी घटनाओं में नवजातों के शव दफनाने के अगले या तीसरे दिन गायब हो गए। हैरान करने वाली बात है कि सभी घटनाएं पुलिस के संज्ञान में आ चुकी हैं, बावजूद इसके अब तक पुलिस ठोस सबूत हासिल नहीं कर सकी है। अब पूर्व की दो घटनाऐं सामने आने के बाद मामला पहले से ज्यादा गंभीर लग रहा है। माना जा रहा है कि यदि पुलिस इस प्रकरण की तह तक जाती है तो कुछ बड़ा चैंकाने वाला तथ्य सामने जरूर आता। वहीं विजय पार्क निवासी गौरव आहूजा ने अपने परिवार के साथ एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार से भी मुलाकात की। उन्होंने पूर्व की दो घटनाओं के बारे में एडीजी को बताया और मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की। इस पर एडीजी अशोक कुमार ने उन्हें जल्द जांच पूरा कराने का आश्वासन भी दिया।