देहरादून वासी एक उदाहरण बन गए हैं। सफाई कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के कारण देहरादून कचरे का घर बन गया है। 11 दिनों से चल रही हड़ताल के कारण कूड़े के ढेर में बदल रही दून घाटी को सुधारने के लिए अब क्षेत्रीय नागरिकों ने मोर्चा संभाल लिया है। यही काम देहरादून की पॉश कालोनी पाम सिटी के लोगों ने भी किया है। पिछले कुछ दिनों से सोसायटी के दो युवा अजय गैरोला और असजद काजी ने सफाई कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी प्रकार वृहस्पतिवार को ओएनजीसी से सेवानिवृत्त 61 वर्षीय प्रदीप चंद्र खंडूरी ने पुरानी नारंगी जर्सी पहन कर इन युवाओं का साथ दिया। इन तीनों लोगों को हम सब की ओर से भूरि-भूरि बधाई। जो काम सफाईकर्मी भी करने से कतराते हैं, वही काम इन लोगों ने कर दिखाया है। स्वच्छ दून, सुन्दर दून के नारे को यथार्थ में चरितार्थ कर रहे हैं।



