
जहां गुरुवार को वित्त मंत्री ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स से निवेशकों को मायूस किया है, तो वहीं इस बजट में सिनियर सिटिजन और नई महिला कर्मचारियों के लिए कुछ राहत वाले फैसले भी हैं। साथ ही, टैक्स बचत के बॉन्ड और गोल्ड में निवेश को लेकर भी कुछ अहम बदलाव हुए हैं जिनको समझना है अहम। इस बजट के बाद आपकी जेब का हाल कैसा रहेगा चलिए जानते हैं।
एक ओर बजट में मिडिल क्लास को बड़ी निराशा हाथ लगी है। तो वहीं टैक्स में छूट की उम्मीद कर रहे सैलरीड क्लास के लिए वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि ट्रांसपोर्ट और मेडिकल अलाउंस खत्म करके 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन देने का एलान किया गया है।

आयकर नहीं बदला : इस साल के बजट में आपको इस मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी गई है और आपको पहले की ही तरह आयकर भरना होगा.
ऐसे बढ़ा बोझ : एक तरफ जहां आयकर छूट में कोई बदलाव नहीं हुआ. वहीं आयकर पर वसूले जाने वाले एजुकेशन सेस को 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया है.
स्टैंडर्ड डिडक्शन : अब 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा. इसका मतलब यह है कि अब आपको किसी भी तरह के कागजात जमा नहीं करने पड़ेंगे.
अलाउंस : अब मेडिकल अलाउंस के 15000 और ट्रांसपोर्ट अलाउंस के 19200 रुपये वापस ले लिए हैं. इससे टैक्स के मोर्चे पर आपको मिली राहत काफी कम साबित होती है.
महिलाओं के लिए तोहफा : अपनी पहली नौकरी शुरू करने वाली महिलाओं को अब 12 व 10 फीसदी की बजाय 8 फीसदी कॉन्ट्रीब्यूशन ईपीएफ में देना होगा. यह सुविधा तीन साल के लिए दी गई है. इसका फायदा ये होगा कि इन महिलाओं की इन-हैंड सैलरी बढ़ जाएगी.

LTCG पर टैक्स : अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर भी टैक्स लगा दिया गया है. इसके बाद अगर आप को लिस्टेड इक्विटी से 1 लाख रुपये से ज्यादा का LTCG मिलता है, तो इस पर आपको 10 फीसदी टैक्स लगेगा. हालांकि 31 जनवरी, 2018 तक मिले फायदे पर टैक्स छूट मिलेगी.
वरिष्ठ नागरिकों को मिली राहत: सेक्शन 80डी के तहत वरिष्ठ नागरिकों को डिडक्शन की लिमिट 30 हजार रुपये से 50 हजार रुपये कर दी गई है. वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपोजिट एफडी व आरडी के ब्याज से होने वाली आय पर छूट को बढ़ा दिया गया है. इसे 10 हजार से 50 हजार रुपये कर दिया गया है.