उच्च न्यायलय ने उत्तराखण्ड सरकार को सदियों पुरानी राजस्व पुलिस व्यवस्था खत्म करने के लिए आदेश दिए हैं। कोर्ट ने राजस्व पुलिस व्यवस्था को छह माह के भीतर समाप्त कर अपराध विवेचना का काम सिविल पुलिस को सौंपे जाने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति अलोक सिंह की खण्डपीठ ने टिहरी गढ़वाल में सन 2011 के दहेज़ हत्याकाण्ड में सजायाफ्ता आरोपी की याचिका को ख़ारिज करते हुए राजस्व पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाए हैं।हाइकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखने के साथ ही राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में राजस्व पुलिस का काम देख रहे पटवारियों के पुलिस अधिकार खत्म करने के आदेश दिए।
खंडपीठ ने नैनीताल जिले के वनभूलपुरा थाने और ऋषिकेश थाने के देश के टॉप दस थानों में नाम आने पर यहाँ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों की सराहना की है। न्यायालय ने राज्य में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, पुलिस प्रशिक्षण स्कूल, पुलिस अकेडमी और अन्य प्रशिक्षण केंद्र खोलने को भी कहा है।
