उत्तराखंड में पल्स पोलियो के बाद आज से खसरा-रूबेला टीकाकरण का सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून स्थित नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन कर इस अभियान की शरुआत की। खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 9 महीने से 15 वर्ष तक के लगभग 28 लाख 35 हजार 658 बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा.
खसरा तथा रूबैला जैसी जानलेवा बीमारियों से बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत देश के लगभग 41 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया जाना है. प्रदेश में खसरा-रूबैला टीकारण अभियान का संचालन भारत सरकार, यूनिसैफ तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से किया जा रहा है तथा इस अभियान के उपरान्त खसरा-रूबैला के टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में सम्मिलित कर लिया जाएगा।
इसके अंतर्गत 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों को टीका लगाया जाएगा तथा उन बच्चों को भी यह टीका दिया जाएगा जिन्हें भले ही एमआर/एमएमआर का टीका दिया जा चुका है. टीकाकरण का यह अभियान एक महीने तक ताकि राज्य को खसरा-रूबेला से पूरी तरह मुक्त किया जा सके. अकेले देहरादून में 5 लाख 83 हजार बच्चों को खसरा-रूबेला का टीका लगाया जाएगा।
देहरादून में 2800 स्कूलों को टीकाकरण बूथ के लिए चिन्हित किया गया है. सभी बूथों में एएनएम को ही टीकाकरण करना है. ऐसे में एक एएनएम को एक दिन में दो से तीन बूथ कवर करने हैं।


