Thursday, February 26, 2026
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नवजात शिशु मृत्यु दर के बढ़ते ग्राफ पर सरकार गंभीर- राज्यमंत्री रेखा आर्या!

देहरादून:  त्यौहारी सीजन बीतने के बाद बीजेपी प्रदेश कार्यालय में जनता मिलन कार्यक्रम लगाया गया। आठ दिनों के अंतराल के बाद लगाए गए जनता मिलन कार्यक्रम में काफी लोगों ने अपनी समस्याए मंत्री के सामने रखी। राज्यमंत्री रेखा आर्या ने लोगों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया। जनता मिलन कार्यक्रम में महिलाए ज्यादेतर अपनी समस्याए लेकर पहुंची जिनमे आर्थिक सहायता,रोड से संबंधित समस्याए रही।


प्रदेश में शिशु मृत्यु दर के बढ़ते मामले पर सरकार चिंचित नजर आ रही है। विभागी मंत्री ने बढ़ते मौत के मामलों पर गंभीरता दिखाई है। मंत्री ने अस्पतालों में सुविधाओं को और बेहतर करने की बात कही है। प्रदेश में बढ़ते शिशु मृत्यु दर के आकड़ों को लेकर महिला और बाल विकास विभाग गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बेहतर जागरूकता उपलब्ध कराएगी। गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के हालिया सालाना सर्वेक्षण सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के मुताबिक उत्तराखंड देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां नवजात शिशुओं की मृत्यु दर घटने की बजाय बढ़ गई है। आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 में उत्तराखंड में नवजात शिशु मृत्यु दर 38 प्रति हजार है जो कि पिछले साल यानी 2015-16 के मुकाबले चार अधिक है। साफ है कि उत्तराखंड में जन्म लेने वाले बच्चे पहले की तुलना में ज्यादा काल का ग्रास बन रहे हैं।


9 राज्यों में शिशु मृत्यु दर के आंकड़ों के अनुपात में इस बार उत्तराखंड अन्य राज्यों के मुकाबले उभरकर सामने आया है। बता दें कि 9 राज्यों में शिशु मृत्यु दर के अनुपात को लेकर हुए सर्वे में उत्तराखंड में इस बार सबसे ज्यादा शिशु मृत्यु दर के आंकड़े बढ़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों और पार्टी के कार्यकमों से दूर रह रहे कांग्रेस पार्टी छोड़ बीजेपी में आए दसों नेताओं पर सियासत इन दिनों गरमाई हुयी हैं। पार्टी के कार्यकमो से दुरी बनाए रखने के मामले पर राज्यमंत्री रेखा आर्या ने जवाब देते हुए कहा हैं कि सरकार के सभी मंत्री और विधायक पार्टी लाइन के हिसाब से श्रद्धा पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रहे हैं। प्रोटोकॉल के मुताबित नेता अपना काम कर रहे हैं। गौरतलब हो कि कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए नेताओं का पार्टी के कार्यक्रमों और मंचो से फासला बढ़ने की खबरें चर्चाओं में हैं।

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