फरवरी और मार्च तक हुई बर्फबारी और बारिश के दौरान चट्टानें खिसकने से केदारनाथ पैदल मार्ग को खासा नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक 16 किलोमीटर लंबे मार्ग पर दस स्थानों पर भूस्खलन क्षेत्र सक्रिय हैं।
इन स्थानों पर सक्रिय है भूस्खलन
- गौरीकुंड के पास घोड़ा पड़ाव
- घोड़ा पड़ाव से डेढ़ किमी दूर
- जंगलचट्टी के पास की पहाड़ी
- छोडी गदेरा
- भीमबली के निकट
- भैरव गदेरे के पास
- रामबाड़ा से पांच सौ मीटर दूर
- लिनचोली के पास
- केदारनाथ व लिनचोली के बीच
- बेस कैंप के पास स्थित स्लाइड़िग जोन




