योगी राज में किसानों के अच्छे दिन, 36,359 करोड़ का कर्ज माफ

भाजपा ने लोक कल्याण संकल्प पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने पर वह सभी लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण माफ करेगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से किये गए सबसे बड़े चुनावी वादे को निभाते हुए मंगलवार को योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी पहली बहुप्रतीक्षित कैबिनेट बैठक में सूबे के 86.68 लाख लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण माफ करने का बड़ा फैसला किया। फसली ऋण माफ करने पर 36,359 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ आएगा। लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में ढाई घंटे तक चली पहली कैबिनेट बैठक में हुए इस फैसले की जानकारी राज्य सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा ने दी। कैबिनेट ने 31 मार्च 2016 तक लघु व सीमांत किसानों द्वारा लिये गए फसली ऋण में से उनके द्वारा भुगतान की गई राशि को घटाते हुए 31 मार्च 2017 को कर्ज की बकाया राशि को माफ करने का फैसला किया है। शर्त होगी कि फसली ऋण माफी की अधिकतम सीमा प्रति किसान एक लाख रुपये होगी। फसली ऋण माफी पर 30,729 करोड़ रुपये का वित्तीय व्ययभार आएगा।

किसानों के लिए मंगलवार सचमुच मंगलकारी रहा। सुबह मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को सूखा प्रभावित किसानों के कर्ज माफ करने को कहा, तो शाम होते-होते उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटे किसानों के एक लाख तक के फसली कर्ज को माफ करने का एलान कर दिया। रात तक महाराष्ट्र से भी ऐसे संकेत मिलने लगे। वहां के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने संकेत दिए कि महाराष्ट्र में भी भाजपानीत सरकार किसानों की कर्ज मुक्ति पर विचार कर रही है। कई अन्य राज्यों में भी इस तरह की मांग तेज हो गई है।

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