
अधेड़ उम्र की महिलाओं को अगर आराम-तलबी पसंद है तो उन्हें सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि ऐसी महिलाओं को बुढ़ापा तेजी से अपनी चपेट में लेता है। ऐसी महिलाएं जो दिन में 10 घंटे से ज्यादा समय तक कम शारीरिक मेहनत वाला कामकाज करती हैं उनकी कोशिकाएं जैविक रूप से आठ साल ज्यादा बूढ़ी हो जाती हैं। अमेरिका में सेन डिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने एक शोध में यह बात कही है।
शोध में पाया कि ऐसी महिलाएं जो प्रतिदिन 40 मिनट से कम समय तक हल्की से भारी शारीरिक मेहनत का काम करती हैं उनके शरीर में टेलोमीरिज छोटे होते हैं। टेलोमीरिज गुणसूत्रों को नष्ट होने से बचाने वाले डीएनए स्ट्रेंड्स के अंतिम हिस्सों पर लगे छोटे-छोटे कैप होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ ये तेजी से और छोटे होते जाते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है ये टेलोमीरिज प्राकृतिक रूप से छोटे और नाजुक होते जाते हैं लेकिन स्वास्थ्य और जीवनशैली जैसे कि मोटापा और धूम्रपान से यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।
लेकिन कसरत है कारगर : शोध टीम के प्रमुख शादाब ने बताया, हमने पाया कि जो महिलाएं ज्यादा समय तक बैठी रहती हैं लेकिन अगर वे रोज कम से कम 30 मिनट तक कसरत करती हैं तो उनके टेलोमीरिज छोटे नहीं होते।
इस अध्ययन के लिए 64 से 95 साल की 1500 महिलाओं पर शोध किया गया। जिसके बाद शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर आराम-तलब जीवनशैली है तो कोशिकाएं तेजी से बूढ़ी होती हैं। वास्तविक उम्र हमेशा जैविक उम्र के बराबर नहीं होती।
