विजन 2020 न्यूज: रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विजयनगर का स्थायी पुल जून 2013 की आपदा में बह गया जिसके दो माह बाद शासन के निर्देश पर विजयनगर में मंदाकिनी नदी पर बहे झूला पुल के स्थान पर लोनिवि द्वारा ट्राली लगाई गई थी। इस ट्राली से क्षेत्र के चमराड़ा, चाका, गदनू, सिल्ला, झटग़ढ़, मरगट, तिमली सहित 36 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण व 450 से अधिक स्कूली बच्चे प्रतिदिन ट्राली से आवाजाही करते हैं। इन दिनों सुबह छह बजे और दोपहर एक बजे ट्राली पर स्कूली बच्चों की भीड़ देखी जा सकती है। बारिश हो चाहे चटक धूप ढाई साल से स्कूली बच्चे ऐसे ही जान हथेली पर रखकर घरों से स्कूल पहुंच रहे हैं। स्थायी पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि आपदा प्रभावितों की मदद का दावा करने वाली प्रदेश सरकार और प्रशासन नौनिहालों के साथ भी छलावा कर रहा है। बच्चे जान हथेली पर रखकर पढने स्कूल जा रहे हैं। जब तक वे घर नहीं पहुंचते, मन बेचैन रहता है।जान हथेली पर रखकर ट्रॉली से आवाजाही कर रहे हैं स्कूली छात्र
विजन 2020 न्यूज: रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विजयनगर का स्थायी पुल जून 2013 की आपदा में बह गया जिसके दो माह बाद शासन के निर्देश पर विजयनगर में मंदाकिनी नदी पर बहे झूला पुल के स्थान पर लोनिवि द्वारा ट्राली लगाई गई थी। इस ट्राली से क्षेत्र के चमराड़ा, चाका, गदनू, सिल्ला, झटग़ढ़, मरगट, तिमली सहित 36 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण व 450 से अधिक स्कूली बच्चे प्रतिदिन ट्राली से आवाजाही करते हैं। इन दिनों सुबह छह बजे और दोपहर एक बजे ट्राली पर स्कूली बच्चों की भीड़ देखी जा सकती है। बारिश हो चाहे चटक धूप ढाई साल से स्कूली बच्चे ऐसे ही जान हथेली पर रखकर घरों से स्कूल पहुंच रहे हैं। स्थायी पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि आपदा प्रभावितों की मदद का दावा करने वाली प्रदेश सरकार और प्रशासन नौनिहालों के साथ भी छलावा कर रहा है। बच्चे जान हथेली पर रखकर पढने स्कूल जा रहे हैं। जब तक वे घर नहीं पहुंचते, मन बेचैन रहता है।


