उत्तराखंड के खटीमा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं के तीन दिन तक चले आंदोलन का आखिरकार बड़ा असर देखने को मिला है। विद्यालय की व्यवस्थाओं, भोजन की गुणवत्ता, एक्सपायरी राशन, बिजली-पानी और साफ-सफाई समेत कई समस्याओं को लेकर छात्रों की ओर से उठाई गई आवाज के बाद जनजाति कल्याण विभाग ने कार्रवाई की है। छात्रों की शिकायतों और विद्यालय में बने माहौल को देखते हुए विद्यालय की प्राचार्य भारती यादव को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर जिला जनजाति कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिन तक चला छात्रों का आंदोलन
दरअसल, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खटीमा में छात्र-छात्राएं लंबे समय से विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर नाराज चल रहे थे। अपनी समस्याओं और मांगों के समाधान की मांग को लेकर छात्रों ने विद्यालय परिसर में लगातार तीन दिन तक धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने विद्यालय में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और राशन की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप था कि उन्हें कई बार खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा गया। इसके अलावा एक्सपायरी राशन, बिजली-पानी की समस्या, साफ-सफाई और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आईं।छात्रों के आंदोलन के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा और प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी जानकारी ली गई।
अधिकारियों की टीम ने विद्यालय पहुंचकर सुनी छात्रों की समस्याएं
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला जनजाति कल्याण अधिकारी वीरेंद्र कुमार और तहसीलदार वीरेंद्र सजवाण टीम के साथ विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान छात्रों की ओर से विद्यालय की व्यवस्थाओं से संबंधित कई शिकायतें अधिकारियों के सामने रखी गईं। अधिकारियों ने छात्रों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा भी दिया।
वहीं, मामले को गंभीरता से देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी छात्रों से मुलाकात की। खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी, नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा, राज्य दर्जा मंत्री मोहनी पोखरिया और सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा धरना स्थल पर पहुंचे और छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुनीं।
प्राचार्य भारती यादव को किया गया कार्यालय से संबद्ध
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के बाद निदेशालय जनजाति कल्याण की ओर से प्राचार्य भारती यादव के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आदेश के मुताबिक, प्राचार्य को अग्रिम आदेशों तक जिला जनजाति कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राचार्य के संबंध में स्थानीय जनजाति प्रतिनिधियों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं की ओर से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।छात्रों और अभिभावकों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
Gen Alpha के आंदोलन ने उठाए आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर सवाल
खटीमा के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्रों का तीन दिन तक चला आंदोलन इस बात को भी सामने लाता है कि आवासीय विद्यालयों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं और शिकायतों पर समय रहते ध्यान देना कितना जरूरी है। छात्रों ने भोजन, राशन, बिजली, पानी और साफ-सफाई जैसे मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाई और आखिरकार विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी। प्राचार्य को हटाए जाने और जांच के आदेश के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार होगा।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
जनजाति कल्याण विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों, विद्यालय में भोजन और राशन की गुणवत्ता, बिजली-पानी, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
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