चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले की नीती घाटी में मौसम ने विकराल रुप लिया । तमक नाले में ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने के बाद अचानक आए तेज बहाव ने भारी तबाही मचा दी। बाढ़ के पानी में ज्योतिर्मठ-नीती-मलारी हाईवे पर तमक गांव के पास बना वैली ब्रिज बह गया। हादसे के दौरान सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक कैंपर वाहन भी पानी की चपेट में आ गया, जबकि मौके से सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे BRO के हवलदार पंकज लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद नीती घाटी का सीमावर्ती क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों से सड़क संपर्क से कट गया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव की तैयारियों में जुट गई हैं।
बादल फटा और कुछ ही देर में उफन पड़ा तमक नाला
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह से ही नीती घाटी में रुक-रुककर बारिश हो रही थी। दोपहर बाद तमक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। करीब 3 बजे पहली बार नाले का पानी तेजी से बढ़ा और आसपास के खेतों तक पहुंच गया। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे एक बार फिर जलस्तर बढ़ा। इस दौरान हाईवे के कुछ हिस्सों में भी पानी पहुंच गया और खेतों को नुकसान हुआ। स्थानीय लोग स्थिति को समझ ही रहे थे कि करीब 5 बजे तमक नाले में अचानक जबरदस्त सैलाब आ गया। तेज बहाव अपने साथ भारी मात्रा में पत्थर, मलबा और मिट्टी लेकर आया। देखते ही देखते बाढ़ का पानी वैली ब्रिज को अपनी चपेट में ले गया और पुल बह गया।
NDRF-SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। लापता BRO जवान की तलाश और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर टीमें काम कर रही हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर मलारी की तरफ वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने की आशंका
तमक नाले में अचानक बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को भी सतर्क किया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से गांवों में मुनादी कर लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की जा रही है।
पहाड़ों में बारिश के दौरान बढ़ जाता है अचानक बाढ़ का खतरा
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने और अत्यधिक बारिश के कारण नदियों और गाड़-गदेरों का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में सामान्य दिखने वाले नाले भी कुछ मिनटों में खतरनाक रूप ले लेते हैं। तमक नाले की यह घटना भी इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही सुरक्षित करने, नुकसान का आकलन करने और लापता BRO जवान की तलाश पर है।