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चम्पावत में ‘विद्यावाहिनी’ को मिली रफ्तार, दूरस्थ गांवों के छात्रों के लिए रवाना हुए सात स्कूल वाहन

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चंपावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आदर्श चम्पावत” विज़न को धरातल पर उतारते हुए जिला प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी मनीष कुमार की पहल पर खनन न्यास निधि (DMF) से शुरू किए गए ‘विद्यावाहिनी कार्यक्रम’ के तहत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय आने-जाने हेतु सुरक्षित वाहन सुविधा शुरू कर दी गई है। इस पहल से अब पहाड़ के बच्चों को कई किलोमीटर पैदल चलने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

चम्पावत में ‘विद्यावाहिनी’ को मिली रफ्तार

कार्यक्रम के तहत विकासखंड चम्पावत के सल्ली-सायली से जीआईसी धौन के लिए करीब 40-45 विद्यार्थियों हेतु बस को दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं बिरगुल और गोली क्षेत्र से जीआईसी भिंगराड़ा के लिए दो वाहनों को दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराना ने रवाना किया। इसी क्रम में लोहाघाट विकासखंड के डूंगरालेटी और जमरसौ क्षेत्र से जीआईसी मडलक के लिए दो वाहनों को दर्जा राज्य मंत्री सुभाष बगौली, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र ढेक और ग्राम प्रधान मोहित पाठक ने हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा नौलापानी से जीआईसी अमोड़ी तथा बुडम-सुकनी से जीआईसी तालियाबांज के लिए भी तीन वाहनों को जनप्रतिनिधियों द्वारा रवाना किया गया।

दूरस्थ गांवों के छात्रों के लिए रवाना हुए सात स्कूल वाहन

ग्रामीणों और अभिभावकों ने बताया कि अब तक बच्चों को कठिन पहाड़ी रास्तों से कई किलोमीटर पैदल स्कूल जाना पड़ता था। बरसात और खराब मौसम में यह सफर जोखिम भरा हो जाता था, जिससे पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। अब सुरक्षित वाहन सुविधा मिलने से विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, ड्रॉपआउट कम होगा और अभिभावकों की चिंता भी दूर होगी। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जनपद का कोई भी बच्चा दूरी या परिवहन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।

ये शिक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम

वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी भरत जोशी ने इस पहल को दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के लिए शिक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘विद्यावाहिनी कार्यक्रम’ चम्पावत के शिक्षा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।