चंपावत : क्षेत्र में शाम को अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं ओलावृष्टि और तेज बारिश ने नगर की बदहाल व्यवस्थाओं की पोल भी खोलकर रख दी। महज दस मिनट की बारिश में डिग्री कॉलेज रोड बाडीगाड के पास सड़क नदी में तब्दील हो गई। सड़क पर तेज बहाव के साथ पानी भरने से राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दस मिनट की बारिश में डिग्री कॉलेज रोड बनी दरिया
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से बंद पड़ी नालियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। नालियों में अतिक्रमण और गंदगी जमा होने के कारण बरसाती पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो चुकी है। हालत यह है कि बारिश के दौरान गटर का गंदा पानी भी सड़कों पर बहने लगता है, जिससे सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर साल बरसात में यही हालात बनते हैं, लेकिन संबंधित विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहते हैं। समय रहते नालियों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है।
चंपावत में बारिश ने खोली सिस्टम की पोल
मामले को लेकर पूर्व सभासद राजकिशोर साह ने भी पीडब्ल्यूडी विभाग पर गहरी नाराज़गी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से इस महत्वपूर्ण डिग्री कॉलेज रोड की बंद पड़ी नालियों को खोलने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते बरसात के दौरान बारिश और गंदे गटर का पानी सीधे सड़क पर बह रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर बहते गंदे पानी से डिग्री कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मानसून शुरू होने से पहले बंद पड़ी नालियों को तत्काल खुलवाने, अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई है, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
