देहरादून – पथराव और उपद्रव के मामले में बॉबी समेत सात की जमानत पर फैसला फिर एक दिन के लिए टल गया। पुलिस ने जमानत का विरोध किया और पुलिस अफसरों को अस्पतालों में भर्ती बताते हुए मुकदमे में फिर से आईपीसी की धारा 307 (जानलेवा हमला) शामिल करने की मांग की। बचाव पक्ष के विरोध के बाद अदालत ने आज पुलिस को घायलाें के इलाज के दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए।

अब अदालत आरोपियों की जमानत पर बुधवार को फैसला सुनाएगी। सीजेएम लक्ष्मण सिंह की कोर्ट में मंगलवार को बॉबी समेत सात की जमानत पर अभियोजन और बचाव पक्ष में जोरदार बहस हुई। आरोपियों के अधिवक्ताओं ने अदालत से जमानत की मांग की। इसके विरोध में अभियोजन की ओर से उपद्रव के दिन के कुछ फोटो, वीडियो और अगले दिन की अखबारों की कटिंग पेश की गई।
अभियोजन की ओर से कहा गया कि पथराव में एसओ प्रेमनगर, एसआई संतोष और सीओ प्रेमनगर आशीष भारद्वाज गंभीर रूप से घायल हैं। इनका सुभारती और दून अस्पताल में इलाज चल रहा है। लिहाजा, इस मुदकमे में पहले काटी गई धारा 307 को भी बढ़ाया जाए।
लेकिन, इसके संबंध में कोई मेडिकल रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं की गई। इसके लिए पुलिस ने वक्त की मांग की। बचाव पक्ष की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि पुलिस इस मामले को जानबूझकर टाल रही है। इससे अनावश्यक रूप से बॉबी समेत सभी युवाओं को जेल में रखा जा रहा है।
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