चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई है। लेकिन इसमें खास यह है कि इस बार 17 वर्ष बाद धाम के कपाट इस समय बंद हो रहे हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट 19 नवम्बर को देर शाम 7.28 बजे बंद किए जाएंगे। इससे पहले वर्ष 1999 में देर शाम 7 बजे बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद किए गए थे। वही इस बार कपाट बन्द हाेने के अवसर पर 15 कुंटल गैंदा और जूही चमेली के फूलों से पूरे मंदिर परिसर को सजाया जाएगा। 17 साल बाद ऐसा मुहूर्त आया है जिसमे रात के अंधेरे में भगवान बद्रीनाथ जी के कपाट बन्द होंगे।
वहीं श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओ के पहुंचने का सिलसिला जारी है,श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर कॊ बंद हॊने हैं। विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट इस याञा काल 2017 में 19 नवंबर सायंकाल 7 बजकर 28 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हॊ रहे हैं। इस दौरान कड़ाके की सर्दी के बावजूद आस्था के सैलाब में कमी नहीं आयी है। श्री बद्रीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गॊदियाल ने कहा कि समिति के प्रयासॊ से बदरी- केदार याञा सफल रही। धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने कहा कि बुधवार 15 नवंबर से कपाट बंद हॊने की प्रक्रिया शुरु हॊ गयी है और भगवान गणपति के पूजन के पश्चात गणेश जी के कपाट बंद हॊ गये है।16 नवंबर-आदि केदारेश्वर के कपाट बंद
17 नवंबर-खडग पुस्तक बंद
18 नवंबर-लक्ष्मी जी कॊ न्यौता, पूजन ( लक्ष्मी कढ़ाई)
19 नवंबर प्रातकाल से ही भगवान बद्री विशाल का फूलॊं से श्रृंगार ,रावल जी का स्ञैण रुप धारण कर लक्ष्मी जी कॊ भगवान बद्रीनाथ मंदिर में प्रवेश, तत्पश्चात कपाट बंद प्रकिया शुरु शायंकाल 7 बजकर 28 मिनट पर श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हॊ जायेंगे।
इसके साथ ही श्री कुबेर एवं उद्धव जी, की डॊली एवं आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, गरुड़ जी मंदिर से बाहर आ जाते हैं। 20 नवंबर श्री उद्वव जी एवं कुबेर जी, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी भब्य शॊभा याञा के साथ पांडुकेश्वर पहुंचेगी, 21 नवंबर आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, यॊगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से गद्दी स्थल जॊशीमठ पहुंचेगी। समिति के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी के पांडुकेश्वर एवं आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी के जॊशीमठ पहुंचने के पश्चात यॊग ध्यान बदरी पांडुकेश्वर तथा नृसिंह मंदिर जॊशीमठ में भगवान बद्रीनाथ की शीत कालीन पूजाएं शुरु हॊ जायेंगी ,जबकि श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हॊने के पश्चात गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान श्री केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरु हॊ गयी हैं।
