स्वच्छता सर्वेक्षण 2021: उत्तराखंड में देहरादून रहा अव्वल, देश के सबसे स्वच्छ शहरों में मिला 82वां स्थान….

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में उत्तराखंड में फिर से अव्वल रहे अपने देहरादून ने देश के सबसे स्वच्छ शहरों में 82वां स्थान हासिल किया है। जबकि पिछले साल के सर्वेक्षण में देहरादून ने 124वां स्थान हासिल किया था।
देश के सबसे स्वच्छ शहरों में देहरादून को मिला 82वां स्थान
देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा ने वीडियो कॉल के जरिये नगर आयुक्त, सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और दूनवासियों को बधाई दी। कहा कि यह देहरादून की जनता का ही आशीर्वाद है, जो निगम लगातार बेहतर प्रदर्शन कर स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक हासिल कर रहा है।
कहा कि दूनवासियों के सहयोग के बगैर यह स्थान पाना संभव नहीं था। जागरूक दूनवासी अपने घरों व दुकान से निकलने वाले कूड़े को निगम के द्वारा लगाए गए वाहनों को दे रहे हैं। यही वजह है कि अब सड़क किनारे डिब्बे कूड़े से भरे नहीं दिखते हैं। सड़कों पर बिखरा कूड़ा भी उठने से शहर साफ लगने लगा।
82वां स्थान मिलने की प्रमुख वजह
-समय पर उठा शहर का कूड़ा
-कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था
-सफाई व सुविधाओं पर फोकस
-दूनवासियों की जागरुकता
अब की बार टॉप-50 का लक्ष्य
मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि पिछले वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणाम के बाद हमने 100 के भीतर रैंक हासिल करने का लक्ष्य रखा था। जिसे इस बार पूरा कर लिया गया है। वहीं अब टॉप-50 शहरों में आने की चुनौती है, जिसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी होंगे सम्मानित
केंद्र सरकार की ओर से कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में देहरादून को 82वां स्थान मिलने पर महापौर सुनील उनियाल गामा ने वीडियो कॉल के जरिए नगर आयुक्त समेत निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों से वार्ता की। महापौर गामा का कहना है कि शहर की इस उपलब्धि के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिमसें नगर निगम अधिकारियों, कर्मचारियों , पार्षदों क साथ ही सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, जागरूक शहरियों को सम्मानित किया जाएगा। महापौर गामा का कहना है कि जब इंदौर देश में अव्वल बन सकता है तो देहरादून शहर को भी इंदौर की तर्ज पर क्यों नही बनाया जा सकता है। इसके लिए इस उपलब्धि के लिए अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है।
इन बिंदुओं पर की गई जांच
1. शहरों से निकलने वाले कचरे को गीला, सूखा और खतरनाक श्रेणियों में विभाजित करना
2- उत्पन्न गीले कचरे को लेकर उपलब्ध को प्रसंस्करण क्षमता
3- गीले और सूखे कचरे के प्रसंस्करण और पुुनर्चक्रण
4- निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रसंस्करण
5: लैंडफिल में जाने वाले कचरे का प्रतिशत
6= शहरों की स्वच्छता की स्थिति
एक साल में कराए गए कार्य
1- स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण
2- राजधानी में दिन के अलावा रात में भी सफाई करवाई
3- राजधानी में तमाम अवैध डंपिंग जोन हटवाए गए
4. गाड़ियों में कांपैक्टर लगवाए गए जिससे कूड़ा नहीं फैला
5- डोर टू डोर कलेक्शन का दायरा बढ़ाया गया
6- प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
7-शहर में अधिक से अधिक कूड़ेदान की व्यवस्था
स्वच्छता में नगर पालिका मुनिकीरेती राज्य में प्रथम
भारत सरकार की ओर से आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण प्रतियोगिता 2021 में नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती ढालवाला ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर नगर पालिका 11वें पायदान पर रही है।पालिका ने प्रदेश में लगातार चौथी बार यह इतिहास बनाया है।
नगरपालिका मुनिकीरेती ढालवाला के अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि पालिका को गार्बेज फ्री सिटी स्टार रेटिंग प्रतियोगिता में एक स्टार मिला है। पालिका प्रशासन ने इसमें क्षेत्रवासियों और सभासदों का आभार व्यक्त किया है।
कहा कि पालिका प्रशासन की ओर से यह संभव हुआ है। आगे भी पालिका स्वच्छता के क्षेत्र में कीर्तिमान हासिल करेगी। स्वच्छता के क्षेत्र में नगरपालिका को पहला स्थान मिलने पर पालिका प्रशासन में खुशी की लहर दौड़ गई। पालिका प्रशासन ने एक दूसरे को बधाई देते हुए प्रशंसा व्यक्त की है।
मसूरी को मिला पहला स्थान मिला
स्वच्छता सर्वेक्षण में 25 से 50 हजार की आबादी वाले क्षेत्र में मसूरी को उत्तराखंड में पहला और पूरे भारत में 91वां स्थान मिला है। उन्होंने बताया कि इसके लिए नगर पालिका को 25 लाख का पारितोषिक प्राप्त होगा।
नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका के पर्यावरण मित्रों, कीन संस्था और हिलदारी के साथ ही शहर के विभिन्न संगठनों और शहरवासियों के सहयोग से ही मसूरी को ये सफलता मिली है। उन्होने सभी संगठनों के सहयोग के लिए आभार जताया और भविष्य में मसूरी की रैंकिंग को और बेहतर बनाने के लिए सहयोग की अपील भी की।