Uttarakhand BSNL 4G: उत्तराखंड के पहाड़ी, ग्रामीण, दुर्गम और सीमांत क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए BSNL तेजी से 4G नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। BSNL उत्तराखंड दूरसंचार परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक मनमोहन सिंह के मुताबिक, पिछले दो से तीन वर्षों में प्रदेश में 1,795 नए 4G साइट्स शुरू किए गए हैं।
इनमें शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण, दूरस्थ, दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों को भी शामिल किया गया है। BSNL का फोकस खासतौर पर उन क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंचाने पर है, जहां अब तक मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित या उपलब्ध नहीं थी।
1,795 नए 4G साइट्स से मजबूत हुआ नेटवर्क
BSNL के अनुसार, उत्तराखंड टेलीकॉम सर्विस के तहत पिछले दो से तीन वर्षों के दौरान कुल 1,795 नए 4G साइट्स शुरू किए गए हैं।
स्वदेशी 4G तकनीक के विस्तार से प्रदेश के उन इलाकों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल रही है, जहां पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा है।
BSNL अधिकारियों के मुताबिक, स्वदेशी 4G तकनीक का विस्तार दूरसंचार क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के साथ-साथ उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

2,600 गांव BSNL 4G नेटवर्क से जुड़े
भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित 4G सैचुरेशन परियोजना के तहत नेटवर्क विहीन गांवों को 4G कनेक्टिविटी देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस योजना के तहत अब तक करीब 500 टावरों के माध्यम से लगभग 2,600 गांवों को BSNL 4G नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।
इससे ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मोबाइल इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
85 नए टावरों का काम जारी
BSNL का नेटवर्क विस्तार अभी रुका नहीं है। विभाग की ओर से करीब 85 नए टावरों के सर्वेक्षण और निर्माण का काम जारी है।
इन टावरों के तैयार होने के बाद करीब 200 और गांवों को BSNL 4G नेटवर्क से जोड़े जाने की संभावना है।
पर्वतीय इलाकों में नए टावरों के निर्माण से उन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण नेटवर्क पहुंचाना अब तक चुनौती बना हुआ था।
शिक्षा से लेकर पर्यटन तक मिलेगा फायदा
BSNL के अधिकारियों के मुताबिक, उत्तराखंड में बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी का सीधा फायदा ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा।
मोबाइल नेटवर्क मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और पर्यटन जैसी सेवाओं को भी बढ़ावा मिल सकता है। खासकर दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों के लिए ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
नेटवर्क नहीं तो सैटेलाइट फोन बनेगा सहारा
जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना संभव नहीं है, वहां BSNL की ओर से GSPS यानी Global Satellite Phone Service की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
यह उपग्रह आधारित संचार सेवा है, जिसमें सामान्य मोबाइल टावर की जरूरत नहीं होती। सैटेलाइट फोन सीधे उपग्रह से कनेक्ट होकर वॉइस कॉल और SMS की सुविधा प्रदान कर सकता है। इसका इस्तेमाल विशेष रूप से ऐसे दुर्गम पहाड़ी, जंगल और नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में किया जा सकता है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है।

सैटेलाइट फोन की कीमत और प्लान
BSNL के अनुसार, सैटेलाइट फोन हैंडसेट की कीमत टैक्स सहित करीब 1,34,166 रुपये है।
GSPS की प्रीपेड सेवा में सरकारी ग्राहकों के लिए मासिक प्लान करीब 4,503 रुपये, जबकि वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए मासिक प्लान करीब 7,507 रुपये निर्धारित है।
हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा से जुड़े निर्धारित प्रतिबंध लागू रहेंगे। इसके अलावा विदेशी नागरिकों को BSNL की यह सैटेलाइट फोन सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
सीमांत उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार सिर्फ संचार सुविधा तक सीमित नहीं है। आपदा के समय संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक कामकाज और सीमावर्ती क्षेत्रों में संचार व्यवस्था के लिहाज से भी मजबूत कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है।
BSNL के मुताबिक, स्वदेशी 4G तकनीक के विस्तार और सैटेलाइट आधारित संचार सेवाओं के जरिए प्रदेश के दुर्गम और सीमांत इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में काम जारी है।