
देहरादून। कई बार आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बरी हो जाता है जबकि कुछ का हाथ ऐसे घटनाक्रमों में होता है। इसी प्रकार का एक प्रकरण न्यायालय में घटा जहां हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा पाए शाहिद ऊर्फ इरशाद को उच्च न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। जानकारी देते हुए डिप्टी एडवोकेट जनरल विनोद शर्मा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश विकासनगर द्वारा शाहिद ऊर्फ इरशाद को हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी। शाहिद पर मोहम्मद इस्माइल की हत्या का आरोप था जिसकी हिमालयन अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। मृत के पुत्र ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह मामला उच्च न्यायालय नैनीताल गया जहां न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह ने इस घटनाक्रम की रिपोर्ट विलंब से दर्ज करवाने तथा साक्ष्यों के अभाव में अभियोजन पक्ष को संदिग्ध मानते हुए आरोपी को बरी कर दिया है।
साक्ष्यों के अभाव में आरोपी बरी
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