हमारें जीवन में रिश्ते बेहद कीमती होते हैं और ऐसे लोग बेहद भाग्यशाली होते हैं, जो प्यारे से बंधन से बंधे होते हैं। हर व्यक्ति स्वभाव में अलग होता है, इसलिए परिवार में प्रेम संबंध को बनाए रखना चुनौती भरा होता है। परिवार में एक साथ खुश रहना चाहते हैं, तो ऐसा वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का पालन करके किया जा सकता है। तों आज हम आपकों ऐसे ही वास्तु टिप्त के बारे में बताने जा रहे है जो आपके रिश्ते प्यारे बनाने में काफी सफल रहेगें…….
बेडरूम हमेशा दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। इससे आपके बीच प्रेम और आपसी समझ बढ़ेगी। हर कीमत पर घर के पूर्वोत्तर और दक्षिण-पूर्व दिशाओं से बचना चाहिए। पति-पत्नी को सोते समय हमेशा अपने सिर को दक्षिण की ओर रखना चाहिए। इस तरह उत्तर से बहने वाली सकारात्मक चुंबकीय ऊर्जा, रक्त के प्रवाह में बाधा डाले या नींद को प्रभावित किए बिना आसानी से उनके शरीर में प्रवेश कर सकती है।
बिस्तर कभी भी धातु या लोहे से बना नहीं होना चाहिए। पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह के तनाव व मनमुटाव को कम करने के लिए लकड़ी के बिस्तर का उपयोग करें। इसके अलावा, बिस्तर हमेशा एक नियमित आकार का होना चाहिए। पत्नी को हमेशा बिस्तर के बाईं ओर और पति को दाईं ओर सोना चाहिए। इससे संबंध मधुर और अच्छे रहते हैं।
बैडरूम के लिए हमेशा हल्के रंग का उपयोग करें, जैसे हल्का नीला, मखमली हरा या गुलाबी। इसके अलावा, कमरे में कोई दाग-धब्बे नहीं होने चाहिए, ताकि यह सुखदायक माहौल के अनुकूल हो। एक डबल बेड पर, हमेशा केवल सिंगल गद्दे का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। पति-पत्नी को डबल गद्दे के उपयोग से बचना चाहिए।
वैवाहिक संबंधों में सद्भाव और सकारात्मकता स्थापित करने के लिए यह महत्वपूर्ण है। बिजली के किसी भी उपकरण को बेडरूम में रखने से बचें। यहां तक कि अगर किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स को कमरे में रखा गया है, तो बस यह सुनिश्चित करें कि वह बिस्तर से उचित दूरी पर रखा जाए। इन गैजेट्स की इलेक्ट्रो-चुंबकीय तरंगें न केवल नींद में बाधा डालती हैं, बल्कि आपके बीच तनाव और झगड़ों को भी बढ़ाती हैं।
दर्पण को कभी भी अपने बैडरूम में न रखें, क्योंकि इससे गलतफहमी और झगड़े होते हैं। यदि शयनकक्ष में दर्पण है, तो बेहतर होगा कि आप इस पर पर्दा लगा दें, खासकर रात के समय। यह भी महत्वपूर्ण है कि आपसी बातचीत और अटूट प्रेम बनाए रखने के लिए, कमरे में बेहतर रोशनी का होना जरूरी है।
बैडरूम में पूजा स्थल को कभी भी नियोजित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही अगर अटैच बाथरूम है, तो इसके दरवाजे को हमेशा बंद रखा जाना चाहिए। स्थान के अभाव में यदि मंदिर शयनकक्ष में ही बनाना पड़े, तो मंदिर के चारों ओर पर्दे लगा दें। इसके अलावा, शयनकक्ष के उत्तर-पूर्व दिशा में ही पूजास्थल होना चाहिए।
एक परिवार में रिश्ते को निर्धारित करने में रसोई प्रमुख भूमिका निभाता है। रसोई में गैस और सिंक को अलग-अलग और ज्यादा दूरी पर रखें। यदि आप कमरे में कोई कलाकृतिध्तकिए आदि रखते हैं, तो इन्हें हमेशा जोड़े में ही रखें।


