बड़ी खबर : देवबंद दारुल-उलूम के मौलवी मौलाना अब्दुल लतीफ़ कासमी पर देहरादून में मुक़दमे की कार्यवाही शुरु हो गई है। बीजेपी नेता मो0 शमीम आलम और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ विनोद मित्तल मौलाना अब्दुल के खिलाफ देहरादून कोतवाली में मुक़दमा दर्ज करा रहे है। मौलाना अब्दुल लतीफ़ ने बद्रीनाथ पर मुस्लिमों का दावा किया था, शिकायतकर्ता मौलाना के खिलाफ कोतवाली में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, राजद्रोह की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करा रहे है।दरअसल हिंदुओं के पवित्र तीर्थ स्थल बद्रीनाथ धाम को लेकर देवबंद के मदरसा दारूल-उलूम के मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने कहा था कि बद्रीनाथ धाम मुसलमानों का बदरूद्दीन शाह है। मौलाना ने पीएम नरेन्द्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से इसे मुसलमानों सौंपने की मांग की है।
मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने कहा था कि इतिहास ना मालूम होने की वजह से ये फिजूल की बकवासबाजी कर रहे हैं। असली बात तो यह है कि बद्रीनाथ धाम बद्रीनाथ नहीं है वो तो बदरूद्दीन शाह है। उलेमा ने कहना था कि यह स्थान कायदे में तो मुसलमानों का धार्मिक स्थल है। इसे मुसलमानों के हवाले कर देना चाहिए, क्योंकि यह स्थान बदरूद्दीन शाह है। उलेमा ने यह भी कहा था कि नाथ लगाने से कोई हिन्दू नहीं हो जाता। यह तंजीम पहले इतिहास उठाकर देखे। वह मुसलमानों का धार्मिक स्थल है।


