
शैली देहरादून- आज के दौर में मोबाइल फोन से हमें हर प्रकार की जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाती है या यूं कहे कि मोबाइल हमारी डेली जरूरतों का हिस्से से एक बन गया है बड़े से लेकर बच्चे तक मोबाइल का खुब इस्तेमाल कर रहे है लेकिन सवाल ये है कि बच्चों कों इतनी कम उम्र में मोबाइल देना क्या सही है? क्या आप देखते है कि आपके बच्चे मोबाइल में क्या देख रहे है? कही वो ऐसा कुछ तो नहीं देख रहे जो उन्हें नहीं देखना चाहिए। हम आपकों बताते है कि मोबाइल फोन ने कैसे एक मासूम बच्ची की जिंदगी बरबाद कर दीं कैसे उसे उसका बचपन छीन लिया। दरसल, मामला है सहसपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का, जहां आठ साल की मासूम बच्ची से गैंग रेप का मामला सामने आया है। गैंग रेप करने वाले सभी आरोपी भी नाबालिंग हैं। जानकारी के अनुसार मासूम घर के बाहर अकेले खेल रही थी। इस दौरान उसके पड़ोस में रहने वाले पांच नाबालिग लड़के टाॅफी देने के बहाने उसे अपने एक साथी के घर ले गए। जहां उन्होंने बारी-बारी से उसके साथ गैंगरेप किया। घटना के बाद से बच्ची डरी सहमी सी हो गई। घटना के अगले दिन जब परिवार वालों ने उससे गुमसुम रहने का कारण पूछा तो उसने पूरी आप बात बताई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सभी नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने फोन पर पॉर्न फिल्म देखी थी। जिसके बाद उन्होंने उस मासूम के साथ गैंगरेप किया।