देहरादून{शैली श्रीवास्तव}- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पदचिह्नों पर चल रहे हैं। जिस तरह प्रधानमंत्री विभिन्न मौकों पर सीमा पर सैनिकों व लोगों के बीच जाते हैं, ठीक वैसी ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसकी पहल कर दी है। इसी कड़ी में आज स्वतंत्रता दिवस पर वह भारत-चीन सीमा पर बाड़ाहोती के नजदीक गमसाली गांव में न सिर्फ ध्वजारोहण करेंगे, बल्कि वहां मेले में भी शिरकत करेंगे। इसके जरिये वह यह संदेश देने का भी प्रयास करेंगे कि सीमांत क्षेत्रों की दिक्कतों के समाधान और वहां के विकास के प्रति सरकार पूरी तरह से गंभीर है।उत्तराखंड के चमोली जिले में चीन सीमा से लगा है बाड़ाहोती क्षेत्र। सामरिक लिहाज से बेहद संवेदनशील यह क्षेत्र चीनी सैनिकों की घुसपैठ को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है। इसी सीमांत बाड़ाहोती क्षेत्र के नजदीक है चमोली का सुदूरवर्ती गांव गमसाली। इसकी दुर्गमता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि देश के आजाद होने की जानकारी यहां के निवासियों को पांच दिन बाद, 20 अगस्त 1947 को मिल पाई थी। तब से गमसाली के साथ ही आसपास के गांवों के बाशिंदे गमसाली में स्वतंत्रता दिवस को लोक उत्सव के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस बार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी वहां के निवासियों के साथ आजादी के जश्न में शामिल होने जा रहे है।