
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने मैक्स अस्पताल देहरादून प्रशासन का पुतला फूका। विगत 19 सितम्बर को राज्य सरकार के कहने पर नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश को इलाज के लिए देहरादून लाया गया था। जहाँ उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉ इंदिरा हृदयेश कोराेना से संक्रमित थी व उन्हें स्वस्थ्य संबंधित अन्य दिक्कत भी हो रही थी। लेकिन मैक्स अस्पताल प्रशासन द्वारा लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाया गया व उन्हें सुविधाएं मुहैय्या नहीं करवाई गई। 4 घंटे इंतजार के बाद प्रशासन को उन्हें सिनर्जी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। प्रदेश के एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का बर्ताव अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली दर्शाता है। सरकार के निर्देशों पर भी अस्पताल प्रशासन ने कोई रुचि नहीं ली। समय रहते उन्हें इलाज के लिए अन्य जगह ले जाना पड़ा।
इस अवसर पर एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि, “ मेक्स अस्पताल प्रशासन का सरकार के निर्देशों को गंभीरता से ना लेना गंभीर मामला है, जब इतने वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के साथ यह घटना हो सकती है तो आम जनता का क्या हाल होगा, हम प्रशासन से मांग करते हैं कि अस्पताल प्रशासन के खिकड़ कठोर से कठोर कार्यवाही की जाए।”
