राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पुलिस महकमे ने देहरादून पुलिस लाइन में रैतिक परेड का भव्य आयोजन कर सरकार से खूब वाहवाही लूटी। रैतिक परेड में राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री और मंत्री तक ने पहुंचकर कार्यक्रम को खूब सरहाना की। लेकिन में विपक्ष के नेता न के बराबर दिखे। जिसको लेकर सोशल मिडिया में कई मायने निकाले जा रहे है।
पुलिस लाइन में हुए रैतिक परेड कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश नहीं पहुंची। मिडिया में आई खबरों के मुताबिक इंदिरा ह्रदयेश का कहना है कि उन्हें विधिवत आमंत्रण नही मिला था इसलिए वह कार्यक्रम में नही पहुंचीं। विपक्ष के नेताओ को नजरअंदाज करने का मामला इंदिरा हृदयेश तक ही नहीं सीमित रहा, बल्कि कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को भी पिछली लाइन में बैठने को कह दिया गया हालांकि इस पर आपत्ति दर्ज करने पर उन्हें आगे की लाइन में जगह दे दी गई।
विपक्षी दल के आरोप से मुख्यालय के अधिकारियों में हड़कंप होना लाज़मी था, विपक्ष के आरोपों पर आनन-फानन में आमंत्रण भेजे जाने की सूचना भी जुटा ली गई. पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक जीएस मर्तोलिया ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष को महकमे द्वारा आमंत्रण भेजा गया था साथ ही पुलिस अधिकारी ने फ़ोन से भी आमंत्रित किया गया था. हालांकि प्रीतम सिंह को पीछे बैठाये जाने के मामले में आईजी कार्मिक का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है।
वैसे रैतिक परेड का आयोजन हर साल स्थापना दिवस पर पुलिस महकमा करता है और पुलिस मुख्यालय स्तर पर आमंत्रण समेत सभी व्यवस्थाओं की फुलप्रूफ तैयारी की देखरेख भी की जाती है. लेकिन विपक्षी नेताओं को तवज्जो न देकर शायद यही माना जाए कि सत्ता बदलते ही अफसरशाही भी सत्तासीन राजनेताओं के हिसाब से अपना नजरिया बदल लेती है।
