
कुलदीप राणा, रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग में लोक निर्माण विभाग की एक दर्जन से अधिक सड़कों के हालत खस्तहाल हो रखी हैं। स्थिति यह है कि सड़क में गढ़ढे हैं या गढ़ढे में सड़क है इसका अनुमान लगाना जरा मुश्किल हो रहा है। अब अंदाजा लगाया है कि लोक जीवन के लिए ये सड़के कितनी खतरनाक है बावजूद विभाग की तंद्रा भंग नहीं हो रही है। सूर्यप्रयाग-मुसाढुग मोटर मार्ग, जैली मरगांव तैला, कुमड़ी मुसाढुंग मोटरमार्ग, सूर्यप्रया-बंदरतोली, मयाली गुप्तकाशी, घेंघड़खाल-क्वीलाखाल, विजयनगर-तैला आदि दर्जनों मोटरमार्ग की स्थिति इतनी खराब हो रखी हैं कि इन सड़कों पर कई हादसे भी हो चुके हैं। बरसात में क्षतिग्रस्त हुई इन मोटरमार्गो की विभाग सुध लेने को तैयार नही हैं। इन मोटरमार्गो पर न नालियों का निर्माण हो रखा है और न ही डामरीकरण किया गया है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। विभाग हर साल इन सड़कों के रखरखाव व डामरीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च तो कर देते हैं पर जमीनी सच्चाई विभाग की पोल खोल रही है। एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार बयानबाजी कर रहे हैं कि प्रदेश की सभी सड़कों को गढ़ढा मुक्त रखा जायेगा लेकिन उन्हें क्या मालूम सरकारी तंत्र के कारिन्दे ही उनके दावों पर पलीता लगा रहे हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग के पास 13 मोटर मार्ग ऐसे हैं जो स्वीकृत तो हो गए हैं पर उन पर धन के अभाव में निर्माण कार्य आरम्भ नहीं हो पाया है।