देहरादून – महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना की शुरूआत की और साल 2019 तक देश के 5 करोड़ परिवार को एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का उद्देश्य गरीब महिलाओं को जल्द ही मिट्टी के चूल्हे से आजादी दिलाया और धुंए की वजह से उनके स्वास्थ पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम करना है। पीएम मोदी की इस योजना का मकसद जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर उन्हें आगे बढ़ाने हैं। उत्तराखंड में भी इस योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में गरीब लोगों को एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराये जा रहे हैं। राजधानी देहरादून में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र्र्र सिंह रावत ने 61 गरीब परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन वितरित किए। गैस कनेक्सन पाकर लोग काफी खुश दिखाई दिए। महिलाओं ने कहा कि गैस कनेक्शन मिलने के बाद चूल्हे से आजादी और धुंए से स्वास्थ पर पड़ने वाले खतरनाक प्रभाव भी खत्म हो जाएंगे । प्रधानमंत्री उज्जवला योजना देश की महिलाओं के लिए कारगर साबित हो रही है। तीन साल के भीतर सरकार ने 5 करोड़ महिलाओं और सीधे तौर पर उनके परिवार को एलपीजी कनेक्शन से जोड़ने का लक्ष्य रखा। मोदी सरकार ने साल 2019 तक सरकार 5 करोड़ परिवारों खास तौर पर गरीबी रेखा से नीचे रह रही महिलाओं को रियायती एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। सरकार उज्जवला योजना की मदद से पेड़ों की कटाई को कम करना चाहती है। हिमालयी राज्य उत्तराखंड में अभी भी मैदानी के साथ ही पर्वतीय इलाकों बड़ी संख्या में लोग खाना पकाने के लिए चूल्हे का ही इस्तेमाल करते हैं। उज्जवला योजना को लेकर जनता में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार भी तेजी के साथ जरूरत मंद लोगों को गैस कनेक्शन वितरित कर रही है।