
रुड़की। साबिर पाक दरगाह की प्रबंध व्यवस्थाओं की देख रेख का जिम्मा भले ही जिला प्रशासन वर्षो से सम्भलता चला आ रहा हो लेकिन दरगाह कर्मियों पर नकेल कसने में जिला प्रशासन हमेशा ही नाकाम रहा है। यह ही वजह है कि दरगाह कर्मचारी दोनों हाथों से जायरीनों की जेब पर तो डांका डाल ही रहे हैं। वही अपनी डयूटी के प्रति जिला प्रशासन पर सवालिया निशान लगाने से भी पीछे नही हट रहे हैं। अजमेर उर्स में शिरकत करने जाने वाले जायरीनों की भीड़ की परवाह की बगैर ही कुछ दरगाह परिसर व अंदर डयूटी देने वाले कर्मचारी घंटों तक गायब रहते हैं। कोई सक्षम अधिकारी, सुपरवाइजर दरगाह कार्यालय में देखने वाला नही है जिस कारण दरगाह कर्मियों की लापरवाही से कोई बड़ा हादसा होने से दरगाह परिसर में गुरेज नही किया जा सकता। दरगाह की व्यवस्थाओं को लेकर साइन बोर्ड लगाने से व्यवस्था सुधारने का दावा करने वाले जिला प्रशासन की हवा निकालने पर जब दरगाह कर्मी ही आमद है तो और कोई क्या ध्यान देगा।
