Thursday, February 26, 2026
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जाने: आखिर क्यों, NH-74 भूमि घोटाले के मास्टर माइंड डीपी सिंह हुआ भूमिगत

ऊधमसिंह नगर में हुए 300 करोड़ रुपये के NH-74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह की गिरफ्तारी पर नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा रोक हटाए जाने के बाद एसआईटी की टीम ने कई जगह छापेमारी की है। लेकिन आरोपी डीपी सिंह अपनी गिरफ़्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गया है।

घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी ने रविवार को यूपी, दिल्ली, देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में डीपी सिंह के ठिकानो पर छापेमारी की. लेकिन एसआईटी के हाथ अब तक कोई सुराग नहीं लगा है।

गौरतलब है कि एन एच 74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा था.  जिसके बाद एसआईटी के अधिकारियों ने अपनी जांच और उनके पास मौजूद साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में जिरह की और अंततः न्यायालय ने डीपी सिंह की गिरफ्तारी पर रोक हटा ली। हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे खारिज होने के बाद अब डीपी सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सूत्रों की माने तो गिरफ्तारी से बचने के लिए निलम्बित पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह भूमिगत हो गए हैं।

आपको ये जानकर हैरत होगी कि एनएच-74 घोटाला शायद देश का पहला ऐसा मामला है जिसकी जांच सीबीआई से कराये जाने की मांग न सिर्फ सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष और इसमें आरोपी बनाए गए अधिकारी भी कर रहे हैं. यहां तक कि सीबीआई से जांच की मांग को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गयी है.

ऐसी ही एक याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और लोकपाल सिंह की बेंच ने 5 अक्टूबर को आदेश दिया था कि सीबीआई 28 अक्टूबर को कोर्ट को ये बताये कि इस मामले की जांच किए जाने को लेकर अब तक क्या प्रगति है.

बता दें कि सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद सीएम त्रिवेन्द्र रावत ने ये एलान किया था कि इस मामले की जांच सीबीआई से करायी जायेगी. सीबीआई की जांच शुरू होने तक मामले की जांच जारी रहे इसके लिए सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया था.

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