
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू यानी वर्ल्ड वाइड वेब के जन्म दाता बर्नर्स ली को अब खुद इंटरनेट से डर लगने लगा है। उनका कहना है कि इंटरनेट एक खतरनाक हथियार बनता जा रहा है जो विनाश का कारण भी बन सकता है। आपको बता दें कि डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू को 29 साल पूरे हो गए हैं। मार्च 1989 में टिम बर्नर्स ली ने रॉबर्ट साइलाउ के साथ मिलकर इसका पहला कॉन्सेप्ट तैयार किया था। अब वर्ल्ड वाइड वेब के 30वें साल में दाखिल होने पर टिम बर्नर्स ली ने इंटरनेट के भविष्य पर ब्लॉग लिखा है। टिम ने लिखा कि आज हम हथियारबंद इंटरनेट तैयार कर रहे हैं। क्यों खतरनाक हो गया इंटरनेट…
ये इंटरनेट किसी हथियार लिए आदमी जैसा खतरनाक हो ता जा रहा है। साइबर अटैक, पर्सनल डाटा लीक और सिक्युरिटी सिस्टम्स का हैक होना इन दिनों सबसे बड़ी समस्या बन गई हैं। टिम ने माना कि आज करीब आधी दुनिया इंटरनेट से जुड़ी है, लेकिन साथ ही चिंता जताई कि बाकी आधी दुनिया अब इंटरनेट से जुड़ना ही नहीं चाहती।
वेब से उठ रहा भरोसा
लगातार होते साइबर अटैक, हैकिंग और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन से होती चोरी ने वेब की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों को मानना है कि वो दिन दूर नहीं जब हैकिंग के जरिए एक देश के हथियार दूसरे देश पर दाग दिए जाएं।
ली ने आगे कहा, इस साल दुनिया की आधी आबादी ऑनलाइन आ चुकी होगी। अब हमारे सामने 2 सवाल हैं। पहला- बाकी आधी आबादी को हम कैसे ऑनलाइन लाएंगे? दूसरा- आज हमारे सामने जिस तरह का इंटरनेट है, उसे देखते हुए ये बाकी आधी आबादी ऑनलाइन आना भी चाहती है या नहीं? दरअसल वेब को एक ऐसे स्पेस के तौर पर तैयार किया गया था, जो फ्री हो, ओपन टु ऑल हो और क्रिएटिव हो। लेकिन अब तस्वीर बदली हुई दिख रही है। वेब की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो रहा है, इसलिए क्रिएटिव एंगल तो यहीं से खत्म हो गया। अब बात इसके सभी के लिए मुफ्त होने की। ये भी अभी दूर की बात है।”
कई देशों में बहुत महंगा है इंटरनेट
टिम ने आगे लिखा, ‘कई ऐसे देश हैं, जहां लोग अपनी कमाई का 1-2% खर्च करके ही अच्छी स्पीड के साथ 1 जीबी डेटा पा सकते हैं। लेकिन जिम्बॉब्वे और तमाम अफ्रीकी देश ऐसे भी हैं, जहां 1 जीबी डेटा के लिए लोगों को 20% कमाई लुटानी पड़ती है। इससे इंटरनेट की दुनिया असमान हो रही है।’
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