
आखिरकार कुंवर प्रणव सिंह को अपनी गलती का एहसास हो ही गया और उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से मिलकर अपनी गलती का एहसास कर लिया है। साथ ही साथ भविष्य में ऐसा न करने के लिए भी आश्वासन दिया है। राजा साहब के घुटने टेकने के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। बार-बार गोली और बोली दोनों से अपनी ही पार्टियों को असहज करने वाले कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट से मिलकर अपनी स्थिति स्पष्ट की तथा अपनी गलती मान ली है। उन्होंने भविष्य में इस तरह की गलती न दोहराने का भी वायदा किया है, जिस पर उनके ऊपर होने वाली बड़ी कार्यवाही टल गई अन्यथा भाजपा ने अपने ही विधयक पर कड़ी कार्यवाही करने का मन बना लिया था।
बड़बोले नेता कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन जो खानपुर के विधयक है के मन में मंत्राी न बन पाने की टीस बनी हुई है। पहले उन्होंने पूर्व पार्टी यानि कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया और जब स्थिति असहज हो गई तो उन्होंने 11 विधयकों के साथ दल बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया। यहां भी उनके दल के पांच साथी मंत्री बन गए, इनमें वरिष्ठ नेता एवं ध्र्मगुरू सतपाल महाराज के अलावा डाॅ. हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, सुबोध् उनियाल तथा श्रीमती रेखा आर्य के नाम शामिल है। कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को यहां भी मंत्राी पद नहीं मिला जिसके कारण वह समय-समय पर अपनी ही सरकार को घेरने का प्रयास करते रहे हैं और अब अनुशासन तोड़ने का नोटिस मिलने के बाद उन्होंने समय सीमा के भीतर अपनी गलती मान ली है तथा भविष्य में ऐसा न करने का वायदा किया है। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी बड़े दिल के साथ फिलहाल उन्हें क्षमादान करने का मन बना लिया है और इससे एक बड़ी कार्यवाही होने से टल गई।

भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी तो है ही, उसके नेताओं का दिल भी उससे भी बडा है। उत्तराखंड में इसका उदाहरण मिलता है। उत्तराखंड के भाजपा विधयक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन जो अपने बड़बोलेपन के लिए ख्यातिनाम है, ने भाजपा में भी आकर विवादित बयान दिया था और अपनी पार्टी को कठघरे में खड़ा किया था, जिसकी एवज में पार्टी की ओर से उन्हें महामंत्राी नरेश बंसल के माध्यम से नोटिस दिया गया था। पार्टी ने उन पर बड़ी कार्यवाही का मन बना लिया था लेकिन कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से मिलकर अपनी भूल की क्षमा मांगी है तथा भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन तथा वरिष्ठ नेताओं का भरोसा जताया है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी खेद जताने के बाद इस मामले को खत्म कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि पार्टी चैंपियन का उपयोग पूर्व की भांति करेगी, उनकी उर्जा का प्रयोग संगठन और सरकार के लिए होगा।