हरिद्वार – झबरेड़ा के सुसाडा गांव में खेत में उगाई जा रही खीरा और करेले की सब्जी पर एक किसान ने कीटनाशक दवाई का छिड़काव किया था। जिसके बाद किसान की तीन बीघा सब्जी की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। साथ ही किसान को हजारों रुपयों का नुकसान भी हुआ है।
दरअसल मामला कीटनाशक दवाई का है जिसका खेत में उगाई जा रही सब्जी पर छिड़काव किया जाता है। वहीं पीड़ित किसान ने फोन द्वारा कृषि अधिकारी से इसकी शिकायत की है। जिसके बाद सूचना पर कृषि अधिकारी किसान के खेत पर पहुंचे और मामले की जांच की। उसके बाद कृषि अधिकारी उस दुकान पर पहुंचे जहां से किसान ने कीटनाशक दवाई खरीदी थी।
कृषि अधिकारियों ने उक्त दुकान से दवाइयों के सैम्पल लिए हैं। जानकारी के मुताबिक सुसाडा गांव में रहने वाला प्रमोद नाम का किसान बहुत ही गरीब परिवार से बताया जा रहा है। जिसके पास परिवार के पालन-पोषण के लिए सिर्फ तीन बीघा जमीन है जिसमे किसान ने खीरा और करेले की फसल लगाई हुई थी।
पीड़ित किसान का आरोप है कि फसल में रोगों की रोकथाम के लिए मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के गुरुकुल नारसन से एक निजी दवाई विक्रेता की दुकान से कीटनाशक दवाई लेकर गया था। जिसका किसान द्वारा खेतो में खड़ी फसल पर छिड़काव किया गया।
जिसके बाद फसल में रोग के साथ-साथ दवाई से सब्जी की फसल भी पूरी तरह से खत्म हो गई। जिसके बाद किसान दवाई विक्रेता के पास गया और किसान ने दवाई विक्रेता से इसकी शिकायत की तो उसने उल्टा किसान पर ही आरोप लगाकर दुकान से बाहर कर दिया। वहीं इसके बाद पीड़ित किसान ने इसकी जानकारी कृषि अधिकारी को दी और अधिकारियो से मदद की गुहार लगाई। जिसके बाद पीड़ित किसान के खेत पर कृषि अधिकारी पहुंचे और मामले की जांच की। जिसके बाद कृषि अधिकारी उक्त दुकान पर पहुंचे जहां पर उन्होंने दवाइयों के सैम्पल लिए। इस दौरान उक्त दुकानदार कुछ दवाइयों के बिल भी नहीं दिखा पाया। अब देखना ये होगा कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसान को किस प्रकार से मदद मिल सकती है।