बड़ी खबर : देहरादून की सहसपुर थाना और कलकत्ता पुलिस ने किडनी डोनेट के नाम पर 5 लाख की ठगी करने वाली महिला स्वाति चौहान को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पर आरोप है कि उसने कलकत्ता निवासी महिला से किडनी डोनेट करने के एवज में पांच लाख रूपए लिये, और बिना किडनी दिए हॉस्पिटल से फरार हो गई।
एसपी देहात देहरादून सरिता डोभाल के मुताबिक कलकत्ता पुलिस ने थाना सहसपुर आकर अवगत कराया कि कलकत्ता निवासी केया यादव उम्र 49 वर्ष ने उनके थाने में सूचना अंकित कराई है कि इनकी मुलाकात एक आश्रम में स्वाति चौहान निवासी देहरादन उत्तराखंड से हुई जिसने अपनी किडनी बेचने की बात की, क्योंकि केया यादव को किडनी की आवश्यकता थी इसलिय उसने स्वाति चौहन कि किडनी खरीदने के लिए बोला और दोनों में 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। तय सौदे के आधार पर 9 जनवरी को स्वाति चौहन वेलव्यू हॉस्पिटल कलकत्ता पहुंची और तय अनुसार केया यादव से 5 लाख रुपये लिए अगले दिन किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी किन्तु स्वाति चौहान द्वारा बिना किडनी दिए एवम बिना बताए 5 लाख लेकर हॉस्पिटल से फरार हो गई। इस सूचना पर थाना शेक्सपियर कलकत्ता पर स्वाति के खिलाफ धोखाधड़ी का मुक़दमा दर्ज किया गया है।
उनके मुताबिक सूचना पर थानाध्यक्ष सहसपुर के नेतृत्व में कलकत्ता पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके फलस्वरुप वांछित अभियुक्त श्रीमती स्वाति चौहान को जमानपुर सेलाकुई से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई और अभियुकता कि निशानदेही पर उक्त रकम के 1 लाख 38 हजार बरामद किए गए शेष धनराशि खर्ज करना बताया।
आरोपी महिला ने पूछताछ पर बताया कि वह हाउस वाइफ है और इसके पति प्राइवेट नौकरी करते है इन पर लोगों का लाखों रुपये का कर्ज है। उसी कर्ज के कारण इन्होंने किडनी बेचने का फैसला किया और ऑनलाइन चेक करने पर इनको एक एजेंट का नंबर मिला फिर उस एजेंट के माध्यम से ये केया यादव से एक आश्रम में मिले और 5 लाख में किडनी ट्रांसप्लांट की बात तय हुई , जिसपर ये कलकत्ता पहुंची और हॉस्पिटल में इनको पैसे मिल गए तो इनके मन में लालच आया कि अब पैसे भी मिल गए है और किडनी भी नही देनी पड़ेगी और मौका देखकर बिना बताए हॉस्पिटल से भाग आई। कलकत्ता पुलिस द्वारा अभियुकता को बाद ट्रांज़िट रिमांड कलकत्ता ले जा रहे है।