केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने आज तपोवन क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से हुए नुकसान के आंकलन के लिए क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने साफ किया कि किसी भी स्थिति में प्रोजेक्ट को बंद नहीं किया जाएगा। पहले मलबा साफ होगा। साढ़े तीन हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट को करीब 1500 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। केंद्रीय मंत्री ने नुकसान वाले क्षेत्रों का दौरा किया। आस पास के प्रभावितों से बात की। उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। स्थानीय प्रशासन से भी नुकसान की जानकारी ली। घटना के कारणों और नुकसान की जानकारी एनटीपीसी के अफसरों से ली।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 2023 में कमीशन होना था। इसका 80 प्रतिशत पूरा हो चुका था। इस घटना से करीब 1500 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। अभी जो आंकलन हुआ है, उसमें अभी इतने ही नुकसान का आंकलन हुआ है। आगे और पड़ताल में स्थिति साफ होगी। फिलहाल पहली प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर की जा रही है। कहा कि अभी प्रोजेक्ट क्षेत्र में टनों सिल्ट भर गई है। इसके बावजूद समय पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि इस प्रोजेक्ट को किसी भी सूरत में स्क्रैप घोषित नहीं किया जाएगा। इसे दोबारा तैयार किया जाएगा।
