
देहरादून- प्रदेश मे पहली पैनिक बटन वाली इलेक्ट्रिक बस को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने आवास से मसूरी मार्ग पर ट्रायल रन के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रायल के लिए बस निर्माता कंपनी के अधिकारी भी तमिलनाडू से दून पहुंचे हैं। परिवहन सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के साथ ही पर्यटन व पर्यावरण का ख्याल रखते हुए सरकार ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक रोडवेज बसों के संचालन को मंजूरी दी है। इसके पहले चरण में दून-मसूरी और हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग 25-25 बसें संचालित करने को कहा गया। इसके तहत रोडवेज ने बस कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए थे। तमिलनाडू की एक कंपनी ने करीब एक करोड़ की कीमत की एक बस ट्रायल करने के लिए दून भेज दी। पर्वतीय मार्गों को देखते हुए बस 166 व्हीलबेस की है। इको फ्रेंडली बस में महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही तमाम खूबियां हैं। महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इलेक्ट्रिक बस में पैनिक बटन भी लगाया गया है। पैनिक बटन दबाते ही सायरन बजने के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू हो जाएगी। इसके जरिये बस को कहीं से भी ट्रैक किया जा सकता है। बस कहां पर है, वह किस स्टॉप पर कितने बजे पहुंचेगी, इन सभी चीजों की जानकारी यात्रियों को मिल सकेगी। रोडवेज महाप्रबंधक दीपक जैन के मुताबिक ट्रॉयल के बाद अन्य रूटों पर भी चलाने की योजना है। ट्रायल सफल होने पर रोडवेज, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर 50 बसों का संचालन करेगा। ओलक्ट्रा कंपनी की यह बस एक बार चार्ज होने के बाद 200 से 250 किलोमीटर तक चल सकती है।इसकी अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। बस में पैनिक बटन, इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, नियरेस्ट स्टॉप रिक्वेस्ट समेत कई खूबियां हैं। डीजल से चलने वाली बसों के मुकाबले इलेक्ट्रिक बस काफी किफायती साबित होगी।