उत्तराखंड- उत्तराखंड की प्रकृतिक सुरंदरता देश मे ही नही बल्कि विदेशो तक मे प्रसिद्ध है। इसी कडी मे पर्यटक उत्तराखंड़ की खूबसूरती का दीदार करने दूर दूर से आते है, लेकिन उत्तराखंड़ आने वाले पर्यटक अब थोड़ा संभल जाएं। पर्यटन के दौरान आपके द्वारा बरती गई लापरवाही अब आपको महंगी पड़ सकती है। अगर आपने यहां घूमने के दौरान प्लास्टिक या पॉलीथिन का कचरा छोड़ा तो न सिर्फ जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के मुताबिक जागरूकता अभियान के बावजूद पर्यटकों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया इसके बाद अब जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले डीएम मंगेश घिल्ड़ियाल द्वारा तुंगनाथ से चंद्रशिला तक चलाए गए सफाई अभियान में कई बोरे प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया था। बता दें कि इससे पहले पर्यटकों के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया था, अब जिला प्रशासन ने सख्ती करने का मन बना लिया है। उत्तराखंड में मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से विख्यात चोपता, दुगलबिट्टा व बनियाकुंड सहित तृतीय केदार तुंगनाथ और चंद्रशिला के भ्रमण और यात्रा का संचालन चोपता व सारी गांव से किया जाता है। यहां पर स्थापित चेक पोस्टों को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए स्थायी चौकी में बदला जाएगा। यहां वन विभाग और पुलिस के जवान नियमित तैनात रहेंगे। इन दोनों जगहों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के सामान की जांच की जाएगी। अपने साथ प्लास्टिक की बोतल, कुरकुरे, चिप्स, चाॅकेलट और जूस के पैकेट ले जाने वाले पर्यटकों के नाम रजिस्टर में लिखे जाएंगे। इन पर्यटकों से इन सामानों के बदले कुछ राशि जमानत के तौर पर ली जाएगी। यह राशि उन्हें उसी सूरत में वापस की जाएगी जब वे वापस लौटने पर अपने साथ ले गए सामानों के रैपर वहां जमा करेंगे। ऐसा नहीं करने पर उनकी राशि जब्त कर ली जाएगी। इसके अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।