शैली देहरादून- प्रदेश में आये दिन कोई न कोई विवाद सरकार की रफ्तार में ब्रेकर के रूप में सामने आ रहा है भारी बहुमत की त्रिवेंद्र सरकार पर कभी रतीभर विपक्ष आरोप लगाती नजर आती है तो कभी उनके ही विधायक विवादित बयान देकर अपनी ही सरकार को घेरते नजर आते है वहीं अपने शांत स्वभाव के लिए जाने-जाने वाले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का उस वक्त दर्द छलक आया जब वह स्थानीय अखबार से बातचीत कर रहे थें। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कुछ लोग हैं जो सकरार के आने के बाद से ही षडंयत्र रच रहे है। इसमें विपक्ष के लोग तो है ही, इसके साथ कुछ और लोग भी शमिल है जों मेरे मुख्यमंत्री बनने से ही परेशान है साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी विधायकों के साथ समान व्यवहार किया जाता है राज्य का विकास ज्यादा से ज्यादा बढें इसके लिए विधायक निधि कों बढ़ाकर पौने चार करोड़ रुपये किया गया, जबकि यूपी में अभी भी विधायक निधि दो करोड़ रुपये है इसके साथ-साथ विधायकों से मुलाकात के लिए बुधवार और बृहस्पतिवार का दिन तय है बुधवार कों कैबिनेट के बाद और बृहस्पतिवार कों दिन से ही मैं विधायकों से मुलाकात के लिए उपस्थित रहता हंू। इसके बाद भी अगर कोई विधायक यह कहें कि मैं उससे मिलें बिना चला जाता हूं तो यह गलत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल में सरकार ने पचास से ज्यादा भ्रष्टाचारी कों जेल भेजा है उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि काफी लोग इसी वजह से परेशान है कि हमने भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के दबाव में आकर काम नहीं किया। जबकि कई बार विपक्ष ने भी दबाव बनने की कोशिश की है लेकिन हमने दबाव नहीं माना। वहीं षडयंत्रकारियों कों चेताते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफ शष्दों में कहा कि उनके खिलाफ कोंई कितना भी षड्यंत्र कर लें वो बिना ध्यान दिये अपनी जिम्मेदारी कों पूरा करेंगें। साथ ही उन्होंने मंत्री और विधायकों से भी अपील की इन सब बातों में ध्यान न देकर पूरी निष्ठा से अपना काम करें।