Homeराज्यउत्तराखण्डउत्तराखंड का प्रसाद किसानों में लाएगा आर्थिक क्रांति।

उत्तराखंड का प्रसाद किसानों में लाएगा आर्थिक क्रांति।

बड़ी खबर : उत्तराखंड का प्रसाद किसानों में आर्थिक क्रांति लाएगा, 625 मंदिरों में लागू होगी प्रसाद की व्यवस्था, एक मंदिर से चार स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाएगा, यह कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का…
अब उत्तराखंड के उत्पाद सोना उगलेंगे। इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने समर्थन देकर हैस्को के सहयोग से बनने वाले इस प्रसाद के माध्यम से उत्तराखंड की आर्थिकी बदलने का प्रयास प्रारंभ कर दिया है। इस प्रयास में मुख्य मेहनत किसानों, स्वयं सहायता समूहों की होगी। उन्हें तकनीकी जानकारी हैस्को और सहयोग सरकार देगी। प्रसाद निर्माण कार्यक्रम में लगने वाले लोगों को प्रशिक्षित करने का जिम्मा सरकार का होगा। यह जानकारी पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा हैस्को के पद्मश्री अनिल जोशी ने मीडिया सेंटर में दी। उत्तराखंड के किसानों की आय दुगनी करने के संकल्प को लेकर यह विचार वर्तमान मुख्यमंत्री के कृषि मंत्रित्व के कार्यकाल में प्रारंभ हुआ था अब इसे अमलीजाम दिया जा रहा है। इस प्रसाद में रिंगाल की टोकरी, पत्थर की मूर्ति, चैलाई, कुट्टू, मंढवा, झंगोरा आदि पर्वतीय उत्पादों का प्रयोग होगा। इन्हें शुद्ध देसी घी में प्रसाद के रूप में तैयार किया जाएगा। इसी प्रकार के तैयार प्रसाद के को बदरीनाथ धाम में गोविंद सिंह द्वारा बेचा गया जिन्हों ने 19 लाख का प्रसाद बेचा। इस प्रसाद में 10 लाख की लागत आई और 9 लाख उन्हें बचत के रूप में मिल गए। इसी प्रकार का अभिनव प्रयोग उत्तराखंड के सभी प्रमुख 625 मंदिरों में किया जाएगा, जिसमें इन उत्पादों और प्रसाद की ब्रांडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि जिस प्रकार वैष्णोदेवी का प्रसाद एक ब्रांड के रूप में पूरे देश में जाता है, ऐसा ही प्रसाद उत्तराखंड में भी होगा। आंकड़े देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 3 करोड़ 15 लाख श्रद्धालु प्रतिवर्ष आते हैं जो हमारी जनसंख्या के तीन गुने है। इनमें से केवल 80 लाख यात्रियों को लक्षित किया जाएगा और उन्हें यह प्रसाद बेचा जाएगा। अनुमानित रूप से यदि 100 रूपये का प्रसाद एक व्यक्ति खरीदे तो 80 करोड़ की राशि हमारे किसानों को आय के रूप में मिलती है, जिससे उनकी आमदनी दुगनी तो होगी ही, जीवन स्तर भी ऊचा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हमारे किसानों की उत्पादों के उचित मूल्य मिलेंगे और उनकी आय बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 625 मंदिरों में चार स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जा सकता है। एक स्वयं सहायता समूह में 10 महिलाएं होती है। इस प्रकार 40 महिलाओं को एक मंदिर से रोजगार मिलेगा। इनमें किसानों से उत्पाद खरीदने, निर्माण करने, वितरण करने आदि के कार्य इन सहायता समूहों द्वारा किए जाएंगे। इसके साथ ही साथ प्रसाद की पैकिंग तथा उसमें लगने वाले सामान भी हमें आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे आठ अनाज इस प्रसाद के लिए महत्वपूर्ण है, जिनमें मंडुवा, झंगोरा आदि शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रसाद निर्माण हैस्को तकनीकी सहयोग देगी और सरकार सहयोग करेगी। कुछ क्षेत्रों में जहां इस प्रसाद का विरोध् हो रहा है वहां दुकानों का प्रबन्ध का कच्चा माल यहीं का होगा, जिसका पूरा लाभ प्रदेश को होगा। हैस्को के प्रमुख पद्मश्री अनलि जोशी का कहना था कि सरकार और हैस्को इनको तकनीकी और विशेषज्ञ जानकारी देगी ताकि इन स्वयं सहायता समूहों तथा प्रसाद का उत्तराखंड के लिए वरदान साबित हो सके।
Vision Desk 3
Vision Desk 3http://vision2020news.com/
उत्तराखंड ताज़ा समाचार - Vision 2020 News gives you the Latest News, Breaking News in Hindi.Uttarakhand News, Dehradun News, Latest News, daily news, headlines, sports, entertainment and business from Uttarakhand, India.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular