
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड आज भी अन्य प्रदेशों की तुलना में काफी शांतप्रिय है। यह बात अलग है कि जनसंख्या घनत्व के साथ-साथ अपराधों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण अपराधों का ग्राफ प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है। लेकिन यह सच है कि आज भी उत्तराखंड एक लाख के इनामी बदमाशों की संख्या वर्षों बाद भी नहीं बढ़ी है। कुछ नक्सली नेताओं को छोड़ दिया जाए जिनमें खीम सिंह बोरा आदि शामिल है तो आम अपराधी हत्या, लूट जैसी वारदातों के भी है। अब त्रिवेंद्र सरकार ने एक बार फिर अन्य प्रदेशों की भांति अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चलाने का मन बनाया है, जो पहली सितंबर में प्रारंभ हो गया है।
इस संदर्भ में अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार का मानना है कि उत्तराखंड में अपेक्षाकृत अपराधिक वारदातें कम है जो अच्छी स्थिति का द्योतक है। यहां एक लाख इनामी मात्र एक बदमाश है। अपराध बढ़ने से अन्य क्षेत्रों में विकास रूकता है। आंकड़े देते हुए अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि 20 साल पहले बदरीनाथ में हत्या के मामले में वांछित ऋषिकेश का सुरेश शर्मा अब तक पुलिस के गिरफ्त में नहीं आया है। मात्र उस पर एक लाख का इनाम है। इस बदमाश ने साल 1999 में एक हत्या को अंजाम दिया था। इस पर 302 और 25 आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था के अनुसार 2002 में थाना रायपुर में 50 हजार के इनामी बदमाश अकरम भी अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है जो मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। 16 वर्षों से पुलिस उसकी तलाश का रही है। इसी प्रकार वर्ष 2007 में उधमसिंह नगर से वांछित चल रहा 20 हजार का इनामी बदमाश खीम सिंह वोहरा भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है जो मूलरूप से अल्मोड़ा का रहने वाला है। यह मूलत: नक्सली प्रवृत्ति का अपराधी है। पुलिस महानिदेशक के अनुसार प्रदेश में 62 ऐसे 5 हजार के इनामी बदमाश हैं, जो अभी तक तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है।
आंकड़े बताते हुए अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में इनामी अपराधियों में 01 लाख रुपए 01, 50 हज़ार रुपए का अपराधी 1 तथा 20 हज़ार रुपए का इनामी अपराधी भी एक है। इसी प्रकार 62 अपराधियों पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित है। इन सभी की पत्रावलियां खोल दी गई है और दुबारा इन पर जांच चल रली है।
एडीजी अशोक कुमार मानते हैं कि पुलिस द्वारा इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए गए अभियान के माध्यम से इन पर अंकुश लगाया जाएगा। इस विशेष अभियान के माध्यम से उन सभी अपराधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जो अपराधिक वारदातों में लिप्त है अथवा इनामी अपराधी है जिनको पकड़कर उनके असली स्थान पर पहुंचाया जाएगा। अपर पुलिस महानिदेशक का मानना है कि यह कार्यवाही कई मायनों में काफी प्रभावकारी होगी।