देहरादून- राज्य में पहली बार आयोजित की जाने वाली इन्वेस्टर समिट जिसे डेस्टिनेशन ऑफ उत्तराखण्ड का नाम दिया गया है, का कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उदघाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री के अलावा इस समिट में कई अन्य वीआईपी लोगों और उद्योगपतियों की उपस्थिति के मद्देनजर शासन प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कडे इंतजाम किये गये हैं।
इस आयोजन को सफल बनाने में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अपनी पूरी ताकत झोंक दी गई है। आयोजन स्थल महाराणा प्रताप स्टेडियम को पहले ही एसडीजी द्वारा अपनी निगरानी में ले लिया गया है वहीं अतिथियों के ठहरने वाले स्थलों से लेकर आयोजन स्थल तक सुरक्षा के कडे प्रबंध किये गये हैं। इस आयोजन को लेकर सूबे की त्रिवेेंद्र सिंह सरकार खासी उत्साहित है क्योंकि समिट से पहले ही निर्धारित 40 हजार करोड के निवेश से लगभग दोगुने निवेश प्रस्तावों पर एमओयू साइन हो चुके हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि उनक यह प्रयास उम्मीद से अधिक सफल रहेगा। इस समिट में दो हजार के करीब देशी विदेशी मेहमानों के जुटने की उम्मीद है जो राज्य में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा करेगें। मुख्यमंत्री का कहना है कि उर्जा और पर्यटन से लेकर हार्टिकल्चर, फ्रलोरीेकल्चर, ऑटोमोबाइल तथा फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रें में निवेशकों द्वारा भारी अभिरूचि दिखाई गई है।
उत्तराखण्ड की सरकार ने इस समिट के जरिए निवेशकों को न सिर्फ सूबे की कानून व्यवस्था और आबोहवा तथा पर्वतीय संस्कृति से अवगत कराने की रूपरेखा तैयार की गई है बल्कि उन्हें औद्योगिक विकास के लिए दी जाने वाली सुविधाओं का भी रोड मैप तैयार किया गया है। इन निवेशकों को रविवार की शाम ऋषिकेश के गंगा रिसॉर्ट से न सिर्फ हिमालय और गंगा की भव्यता के दर्शन कराये जाएंगे अपितु उन्हें पहाडी व्यंजनों का भी रसास्वादन कराया जाएगा। उत्तराखण्ड में धार्मिक पर्यटन तो चार धाम के कारण सुलभ है ही साथ ही सूबे में 17 बडी पर्वत चोटियां, छोटी बडी 90 नदियां, 111 झीलों के साथ अनेक सुरम्य दर्शनीय स्थल हैं। वन्य जीव और वन्य संपदा से परिपूर्ण इस राज्य की पूरी झांकी निवेश्कों के दिखाने के इंतजाम शासन प्रशासन द्वार किया जा रहा है। इन इंतामों में किसी तरह की कमी न रह पाये इसके लिए आज भी पुलिस अधिकारियों तथा मंत्रियों और अधिकारियों की एक बैठक होने जा रही है। इस समिट के समापन पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह उपस्थित रहेगें। निवेश के दृष्टिकोण से यह समिट सफल होती दिख रही है। धरातल पर सूबे को उसका कितना लाभ मिल पायेगा यह आने वाले समय ही बतायेगा।