
देहरादून। शासन स्तर से आईएएस वी षणमुगम और राज्य मंत्री रेखा आर्य के बीच हुए विवाद की जांच रिपोर्ट में अफसर को क्लीन चिट मिली है। सूत्रों के अनुसार आईएएस षणमुगम ने आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती के लिए कंपनी तय करने को निकले टेंडर में कोई गड़बड़ी नहीं की, जबकि मंत्री ने उनपर संगीन आरोप लगाए।
सूत्रों की माने तो टेंडर में गड़बड़ी थी ही नहीं, जिसके चलते अफसर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार की जांच रिपोर्ट में षणमुगम बेदाग हैं। अब सवाल ये उठता है कि मंत्री किन कारणों से अफसर को दागी साबित करने में लगी थी, जबकि षणमुगम पर पूरे कैरियर में कभी कोई आरोप नहीं लगा। मंत्री टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर रही थी। जब षणमुगम ने मंत्री के फोन उठाना बंद किये तो उनके लापता होने का मुकदमा तक लिखा दिया गया। अब जांच रिपोर्ट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।



