देहरादून: उत्तराखंड में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल गैस की पर्याप्त आपूर्ति न मिलने के कारण कनेक्शन धारकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, वर्तमान में राज्य में शीतकालीन यात्रा जारी है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी शुरू होने वाली है। ऐसे में पर्यटन से जुड़े कारोबारियों ने आशंका जताई है कि यदि समय पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हुए, तो इसका सीधा असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ सकता है।
एलपीजी गैस के लिए सरकार की नई SOP जारी
इसी स्थिति को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव आनंद स्वरूप ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इसके तहत प्रदेश के सभी व्यावसायिक गैस कनेक्शन धारकों को प्रतिदिन 2650 सिलेंडर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

तीन प्रमुख कंपनियों को मिली सिलेंडर वितरण की जिम्मेदारी
इसके अलावा, सिलेंडर वितरण की जिम्मेदारी राज्य की तीन प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों—आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल—को उनकी बाजार हिस्सेदारी के आधार पर सौंपी गई है। साथ ही, इन कंपनियों को कमर्शियल गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और इसकी जानकारी संबंधित जिलाधिकारियों को देना भी अनिवार्य किया गया है।
दरअसल, यदि व्यावसायिक गैस की आपूर्ति बाधित होती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव पर्यटन उद्योग पर पड़ सकता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।



