Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और अन्य शहरों की नीट व इंजीनियरिंग की छात्राएं एक सक्रिय धर्मांतरण गिरोह के संपर्क में थीं। आगरा पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। यह गिरोह युवतियों को पहले दोस्ती के बहाने जाल में फंसाता, फिर धीरे-धीरे धार्मिक रूपांतरण की ओर ले जाता था। मामले का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान बताया जा रहा है, जो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का पूर्व छात्र है।
ऑनलाइन ब्रेनवॉश कर रहा था अब्दुल रहमान
पूछताछ में सामने आया है कि रहमान नीट की तैयारी कर रही एएमयू की एक पूर्व छात्रा के संपर्क में ऑनलाइन आया था। युवती ने स्वीकारा कि वह अपने ट्यूटर के माध्यम से इस गिरोह के संपर्क में आई। शुरुआती बातचीत के बाद रहमान ने ऑनलाइन माध्यम से उसका ‘ब्रेनवॉश’ करना शुरू किया।
कोविड काल में हुई शुरुआत, ट्यूटर ने जोड़ा संपर्क
12वीं कक्षा के बाद कोविड काल में जब छात्रा नीट की तैयारी कर रही थी, तभी एक ट्यूटर के जरिये उसकी पहचान इस गिरोह से हुई। उस ट्यूटर ने युवती को पहले कलमा पढ़वाया और फिर उसे अब्दुल रहमान और आयशा से मिलवाया। इसके बाद वह गिरोह के सीधे संपर्क में आ गई।
खुद व सहेलियों को धर्मांतरण के लिए उकसाती थी युवती
पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवती ने स्वीकार किया कि वह न सिर्फ खुद धर्मांतरण करना चाहती थी, बल्कि अपने घर की महिलाओं और सहेलियों को भी इसके लिए उकसाने लगी थी। ऑनलाइन बातचीत के दौरान रहमान और आयशा उसे धर्म परिवर्तन के फायदे गिनाते थे।
पुलिस को ट्यूटर की तलाश, अन्य लड़कियों की भी जांच
अब आगरा पुलिस उस ट्यूटर की तलाश कर रही है जिसने युवती को गिरोह से जोड़ा था। उससे पूछताछ के बाद इस नेटवर्क में शामिल अन्य युवतियों की जानकारी मिलने की संभावना है। युवती के माध्यम से गिरोह की गहराई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
अलीगढ़ में 9 युवतियां लापता, गिरोह से जुड़ाव की आशंका
जानकारी के अनुसार, इस साल अलीगढ़ की 9 युवतियां लापता हैं। टीम अलीगढ़ में डेरा डाले हुए है और गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि इनमें से कुछ युवतियां भी इस गिरोह के संपर्क में रही होंगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं धर्मांतरण के मामले
एएमयू की छात्राओं द्वारा धर्म परिवर्तन कर दूसरे धर्म के युवकों से शादी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। क्वार्सी के स्वर्ण जयंती नगर और रेलवे रोड इलाके में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं, जिनकी पुलिस अब पुनः जांच कर रही है।
आगरा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने दी जानकारी
आगरा कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि अलीगढ़ की पूर्व छात्रा ने गिरोह से संपर्क में होने की बात स्वीकार की है। उसे समझा-बुझाकर फिलहाल घर भेजा गया है। अगर वह बयान देने को तैयार हुई तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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