हरिद्वार : कांवड़ मेले की व्यस्तता के बीच रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने टिहरी विस्थापित कालोनी में हुई दोहरी चोरी का सफल खुलासा किया है। पुलिस ने घटना में शामिल तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के जेवरात बेचकर मिली ₹5 लाख की नकदी, घटना में प्रयुक्त टैम्पो और मृतक गृहस्वामी के दस्तावेज बरामद किए हैं। पकड़ा गया एक आरोपी पुलिस के पहचान पत्र का इस्तेमाल चेकिंग से बचने के लिए करता था।
शराब के नशे में बनाई थी योजना
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 की रात रानीपुर थाना क्षेत्र के गली नं. A-20, टिहरी विस्थापित कालोनी निवासी स्वर्गीय राजेंद्र पाल के मकान (सं. 23/28) और उनके पड़ोस के बंद मकान के ताले तोड़कर चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता की शिकायत पर 4 अगस्त को केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में परमिट नंबर 2722 वाला एक संदिग्ध नीले रंग का टैम्पो (UK07TC0457) प्रकाश में आया।
बीएचईएल स्टेडियम के पास से पहला आरोपी दबोचा
7 अगस्त 2026 को सटीक सूचना पर पुलिस ने बीएचईएल स्टेडियम के पास सुरेश्वरी देवी मंदिर तिराहे से टैम्पो चालक अक्षय उर्फ गोलू (निवासी बिजनौर, यूपी) को गिरफ्तार किया। उसकी तलाशी में मृतक राजेंद्र पाल का पुलिस कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ में अक्षय ने बताया कि उसने अपने दो साथियों—सोनू सैनी और सोनू शर्मा के साथ मिलकर बंद घरों का ताला तोड़ा था। चेकिंग के दौरान पुलिस से बचने के लिए उसने पुलिस कार्ड अपने पास रख लिया था।
बिजनौर में बेचे थे गहने, रकम बांटने से पहले पकड़े गए
अक्षय की निशानदेही पर पुलिस टीम ने रावली महदूद (डेन्सो चौक के पास) स्थित कमरे में छापेमारी कर बाकी दोनों आरोपियों, सोनू सैनी और सोनू शर्मा को भी धर दबोचा। आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी किए गए सोने के आभूषण उन्होंने धामपुर में एक व्यापारी को ₹5 लाख में बेचे थे। बरामद रकम को तीनों आपस में बांटने ही वाले थे कि पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इनके पास से मृतक का पैन कार्ड और [Aadhaar Redacted] भी बरामद हुआ।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पकड़े गए तीनों अभियुक्त बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं, जिनके खिलाफ बिजनौर, कोटद्वार और हरिद्वार के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी और अवैध हथियार रखने के कई मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपी: अक्षय उर्फ गोलू (बिजनौर), सोनू सैनी (बिजनौर) और सोनू शर्मा (मुरादाबाद)।
बरामदगी: ₹5,00,000/- नकद, घटना में प्रयुक्त टैम्पो, 1 पुलिस कार्ड, 1 पैन कार्ड और पहचान पत्र।